1980 का दशक हिंदी सिनेमा में एक्शन फिल्मों और ‘एंग्री यंग मैन’ की छवि के लिए जाना जाता है, लेकिन वर्ष 1985 में रिलीज हुई निर्देशक Ramesh Sippy की फिल्म Saagar ने रोमांस और लव ट्रायंगल की कहानी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। फिल्म में Kamal Haasan, Rishi Kapoor और Dimple Kapadia मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे।
डिंपल कपाड़िया की शानदार वापसी बनी पहचान: 40 साल पहले आई ‘सागर’ ने बदली थी रोमांटिक फिल्मों की तस्वीर
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डिंपल कपाड़िया की दूसरी पारी का बड़ा पड़ाव
फिल्म बॉबी से स्टार बनीं डिंपल कपाड़िया ने शादी के बाद अभिनय से लंबा ब्रेक लिया था। राजेश खन्ना से विवाह, पारिवारिक जिम्मेदारियों और व्यक्तिगत जीवन के उतार-चढ़ाव के बाद सागर उनके करियर की शानदार वापसी साबित हुई। फिल्म में उनके अभिनय, स्क्रीन प्रेजेंस और आकर्षण को दर्शकों तथा समीक्षकों ने खूब सराहा। सागर ने उन्हें एक परिपक्व और सफल अभिनेत्री के रूप में नई पहचान दिलाई।
1985 की सफल फिल्मों में शामिल रही ‘सागर’
सागर वर्ष 1985 की सबसे सफल फिल्मों में गिनी जाती है। उसी वर्ष Raj Kapoor की चर्चित फिल्म Ram Teri Ganga Maili भी रिलीज हुई थी। दोनों फिल्मों के बीच उस दौर के पुरस्कार समारोहों में कड़ा मुकाबला देखने को मिला। फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में सागर को 12 नामांकन मिले और उसने चार पुरस्कार जीते, जबकि राम तेरी गंगा मैली को 10 नामांकन और पांच पुरस्कार प्राप्त हुए।
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विवादों में भी रही फिल्म
फिल्म की सिनेमैटोग्राफी और रोमांटिक प्रस्तुति को काफी सराहा गया। समुद्र, बारिश और प्राकृतिक रोशनी के बीच फिल्माए गए दृश्य दर्शकों को बेहद पसंद आए। हालांकि फिल्म का एक संक्षिप्त बोल्ड दृश्य उस समय विवाद का कारण बना। इस पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस छिड़ गई थी। जहां कुछ सामाजिक संगठनों ने इसका विरोध किया, वहीं कई लोगों ने इसे कहानी और प्रस्तुति का स्वाभाविक हिस्सा माना।
संगीत भी बना फिल्म की बड़ी ताकत
फिल्म का संगीत महान संगीतकार R. D. Burman ने तैयार किया था, जबकि गीत Javed Akhtar ने लिखे थे। ओ मारिया, सागर किनारे और जाने दो ना जैसे गीत उस दौर के सुपरहिट गानों में शामिल रहे और आज भी श्रोताओं के बीच लोकप्रिय हैं।
दमदार स्टार कास्ट
मुख्य कलाकारों के अलावा फिल्म में Saeed Jaffrey, Madhur Jaffrey, Shafi Inamdar, A. K. Hangal, Sharat Saxena, Satish Kaushik और Goga Kapoor ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।
कहानी: दोस्ती, प्यार और त्याग का त्रिकोण
फिल्म की कहानी गोवा के एक मछुआरा गांव की पृष्ठभूमि पर आधारित है। मोना (डिंपल कपाड़िया) अपने पिता के साथ एक छोटा रेस्टोरेंट चलाती है। राजा (कमल हासन), जो एक मछुआरा है, मोना का करीबी दोस्त है और उससे प्रेम करता है। दूसरी ओर विदेश से पढ़कर लौटे अमीर परिवार के युवक रवि (ऋषि कपूर) की मुलाकात मोना से होती है और दोनों एक-दूसरे के करीब आ जाते हैं।
राजा अपने प्रेम को दिल में छिपाए रखता है, जबकि रवि और मोना का रिश्ता गहराता जाता है। लेकिन सामाजिक और आर्थिक वर्गों का अंतर उनके रास्ते में बाधा बनकर खड़ा हो जाता है। इसके बाद कहानी प्रेम, त्याग और रिश्तों के भावनात्मक संघर्ष के साथ आगे बढ़ती है।
आज भी याद की जाती है ‘सागर’
रिलीज के चार दशक बाद भी सागर को हिंदी सिनेमा की यादगार रोमांटिक फिल्मों में गिना जाता है। मजबूत अभिनय, खूबसूरत संगीत, प्रभावशाली दृश्यांकन और भावनात्मक कहानी ने इसे एक क्लासिक फिल्म का दर्जा दिलाया है। 40 साल बाद भी यह फिल्म दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बनाए हुए है।