नई दिल्ली | आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हुए सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया है। काफी समय से पार्टी और चड्ढा के बीच बढ़ती दूरियों की चर्चाएं अब सच साबित हुई हैं।
अशोक मित्तल होंगे नए डिप्टी लीडर
पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को आधिकारिक पत्र भेजकर अशोक मित्तल को नया डिप्टी लीडर बनाने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, संजय सिंह राज्यसभा में पार्टी के नेता के रूप में अपनी भूमिका निभाते रहेंगे।
पार्टी ने सचिवालय से यह भी अनुरोध किया है कि भविष्य में चड्ढा को पार्टी के कोटे से बोलने का समय न दिया जाए। इस फैसले के बाद राघव चड्ढा अब पार्टी के भीतर हाशिये पर नजर आ रहे हैं।
राघव चड्ढा पर कार्रवाई के 5 बड़े कारण
पार्टी सूत्रों के अनुसार, राघव चड्ढा की कार्यशैली से नेतृत्व असहज था। चड्ढा पार्टी की नीतियों के बजाय अपनी व्यक्तिगत छवि चमकाने वाले मुद्दों पर अधिक ध्यान दे रहे थे।
पहला मुख्य कारण उनकी पार्टी गतिविधियों से दूरी है। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को राहत मिलने के बाद हुए शक्ति प्रदर्शन में भी वे शामिल नहीं हुए। उन्होंने इस दौरान भाजपा पर भी हमला नहीं किया।
गिरफ्तारी और चुनाव के दौरान अनुपस्थिति
दूसरा कारण दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के समय उनका लंदन में होना था। वे अपनी आंखों के इलाज के लिए वहां थे, लेकिन 2025 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में भी उनकी सक्रियता शून्य रही।
तीसरा कारण सोशल मीडिया पर बदलाव है। उनके 'एक्स' प्रोफाइल से पार्टी का नाम, झंडा और चुनाव चिह्न गायब होने लगे थे। इससे नेतृत्व को लगा कि वे पार्टी से दूरी बना रहे हैं।
बदलती प्राथमिकताएं और सेलिब्रिटी लाइफस्टाइल
चौथा कारण उनकी बदलती प्राथमिकताएं मानी जा रही हैं। अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा से विवाह के बाद उनकी जीवनशैली एक जुझारू राजनेता के बजाय सेलिब्रिटी जैसी हो गई है, जिसका असर उनके राजनीतिक फैसलों पर भी दिखा।
पांचवां और सबसे गंभीर कारण भाजपा के बड़े नेताओं के साथ उनके संपर्क की खबरें हैं। हालांकि, संजय सिंह ने कहा है कि यदि चड्ढा भाजपा में जाते हैं, तो वे उनके विरोध में खड़े होने वाले पहले व्यक्ति होंगे।