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आबूरोड: सट्टेबाजी के बाद सम्मान पर बवाल: आबूरोड: सट्टेबाजी के बाद पुलिस कार्यक्रम में सम्मान पर विवाद

गणपत सिंह मांडोली · 12 मई 2026, 11:07 रात
भगवती रिसॉर्ट पर सट्टेबाजी छापे के बाद संचालक द्वारा आईजी के सम्मान पर उठे सवाल।

आबूरोड | राजस्थान के आबूरोड में आईपीएल सट्टेबाजी के मामले में हुई पुलिसिया कार्रवाई के बाद अब एक नया प्रशासनिक और सामाजिक विवाद खड़ा हो गया है। भगवती रिसॉर्ट पर छापेमारी के ठीक दो दिन बाद पुलिस के एक सार्वजनिक कार्यक्रम में रिसॉर्ट संचालक की मौजूदगी ने सवाल उठाए हैं।

भगवती रिसॉर्ट पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

बीती 10 मई की रात को आबूरोड सदर पुलिस और डीएसटी टीम ने संयुक्त रूप से भगवती रिसॉर्ट पर दबिश दी थी। इस दौरान तीन युवकों को आईपीएल मैच पर सट्टा लगाते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस ने मौके से सट्टेबाजी में प्रयुक्त उपकरण और नकदी बरामद की थी। फिलहाल इस पूरे मामले की गहन जांच आबूरोड कोतवाली पुलिस द्वारा की जा रही है। इस कार्रवाई से शहर के सट्टेबाजों में हड़कंप मच गया था।

सम्मान समारोह और प्रशासनिक गरिमा पर सवाल

विवाद तब शुरू हुआ जब 12 मई को आबूरोड सदर पुलिस थाना परिसर में जनसुनवाई का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में रेंज आईजी सत्येंद्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे।

हैरानी की बात यह रही कि जिस रिसॉर्ट पर दो दिन पहले छापा पड़ा था, उसी से जुड़े हीरालाल अग्रवाल ने आईजी का स्वागत और सम्मान किया। इस घटनाक्रम की तस्वीरें सामने आते ही शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया।

जनता के बीच उठ रहे हैं तीखे सवाल

स्थानीय नागरिक अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिस संस्थान का नाम हाल ही में आपराधिक गतिविधियों में आया, उसे सरकारी मंच पर इतनी तवज्जो कैसे मिली?

हालांकि, पुलिस प्रशासन का कहना हो सकता है कि कार्रवाई और सम्मान कार्यक्रम अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। लेकिन घटनाक्रम के समय ने आमजन के मन में कई तरह की शंकाएं पैदा कर दी हैं।

सोशल मीडिया पोस्ट और 'रातों की लड़ाई'

इस बीच भगवती रिसॉर्ट के एमडी और भाजपा नेता अरविंद अग्रवाल की एक फेसबुक पोस्ट भी सुर्खियों में है। उन्होंने लिखा कि सपनों को हकीकत में बदलने के लिए बातों से नहीं, रातों से लड़ना पड़ता है।

"सपनों को हकीकत में बदलने के लिए बातों से नहीं, रातों से लड़ना पड़ता है।"

इस पोस्ट पर लोग तरह-तरह की चुटकियां ले रहे हैं। कुछ लोग इसे रिसॉर्ट में संचालित स्पा और बार के संदर्भ में देख रहे हैं। उनका कहना है कि स्पा जैसे व्यवसाय में वाकई 'रातों की मेहनत' ज्यादा होती है।

राजनीतिक और सामाजिक रसूख की चर्चा

अरविंद अग्रवाल न केवल रिसॉर्ट के एमडी हैं, बल्कि भाजपा जिला कार्यकारिणी के सदस्य और भारत विकास परिषद के अध्यक्ष भी हैं। उनकी इस मजबूत पहचान के कारण मामले को राजनीतिक चश्मे से भी देखा जा रहा है।

फिलहाल, आईपीएल सट्टेबाजी मामले की जांच जारी है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में आगे क्या रुख अपनाती है और जांच के दौरान कौन से नए तथ्य निकलकर सामने आते हैं।

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