सिरोही | राजस्थान के सिरोही जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशासनिक महकमे में खलबली मचा दी है। श्रम कल्याण अधिकारी की कार से 1.5 लाख रुपये की संदिग्ध नकदी बरामद होने के बाद भ्रष्टाचार के बड़े नेटवर्क का संदेह जताया जा रहा है।
आकस्मिक चेकिंग में हुआ खुलासा
एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर जोधपुर रेंज की टीम ने सिरोही में विशेष नाकेबंदी कर आकस्मिक चेकिंग अभियान चलाया था। इस दौरान आबूरोड़ से जिला मुख्यालय की ओर आ रही श्रम कल्याण अधिकारी हर्षदीप सिंह गिल की अनुबंधित कार को रोका गया। कार में अधिकारी के साथ विभाग के कनिष्ठ सहायक विकास कुमार भी मौजूद थे, जिनसे टीम ने पूछताछ की। तलाशी लेने पर कार में रखे एक बैग से 500-500 रुपये की तीन गड्डियां बरामद हुईं, जिनकी कुल राशि 1.5 लाख रुपये थी।
अवैध वसूली का संदेह और जांच
सूत्रों के अनुसार, एसीबी को गुप्त सूचना मिली थी कि श्रम विभाग के अधिकारी आबूरोड़ की औद्योगिक इकाइयों से अवैध वसूली कर रहे हैं। सूचना थी कि यह रकम लेकर अधिकारी सिरोही लौट रहे हैं, जिसके आधार पर जाल बिछाया गया और सफलता मिली। जब एसीबी की टीम ने अधिकारी से बरामद नकदी के बारे में पूछा, तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
एसीबी के अधिकारियों ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और जल्द ही बड़े खुलासे हो सकते हैं।
प्रशासनिक हलचल और आगे की कार्रवाई
यह कार्रवाई अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के निर्देश और उप महानिरीक्षक भुवन भूषण यादव की निगरानी में संपन्न हुई। इस घटना के बाद से जिले के अन्य विभागों में भी हड़कंप मचा हुआ है और अधिकारी सतर्क हो गए हैं। एसीबी अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस अवैध वसूली में अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। फिलहाल जब्त की गई राशि को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया गया है और पूछताछ का दौर जारी है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को पुख्ता किया है। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाने की तैयारी की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लग सके।
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