जयपुर |जगमगाती रोशनी, आकर्षक प्रस्तुतियां और रैंप पर आत्मविश्वास से वॉक करतीं मॉडल्स के साथ जयपुर के अनंत महल में प्रतिष्ठित ब्यूटी पेजेंट ‘मिस फ्यूजन इंडिया’ का ग्रैंड फिनाले सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस आयोजन में ग्लैमर, प्रतिभा और सामाजिक सरोकार का एक अनूठा संगम देखने को मिला।
प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन
फ्यूजन ग्रुप द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों से आई प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने न केवल अपनी खूबसूरती से, बल्कि अपने टैलेंट, व्यक्तित्व और विचारों से भी जूरी को काफी प्रभावित किया।
ग्रैंड फिनाले की शुरुआत एक शानदार ओपनिंग एक्ट के साथ हुई, जिसमें निवारा कॉलेज के छात्रों द्वारा डिजाइन किए गए परिधानों का प्रदर्शन किया गया।
प्रतियोगिता के विभिन्न राउंड
इसके बाद, प्रतिभागियों ने अलग-अलग राउंड में अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। नेशनल कॉस्ट्यूम राउंड में भारतीय संस्कृति और विविधता की अनूठी झलक देखने को मिली।
वहीं, टॉप-10 फाइनलिस्ट के लिए आयोजित प्रश्न-उत्तर राउंड में मॉडल्स की समझ, सोच और सामाजिक मुद्दों के प्रति उनकी संवेदनशीलता का आकलन किया गया। इस कार्यक्रम में पंडित सुरेश मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
विजेताओं की घोषणा
देर रात चले फिनाले में विजेताओं के नामों की घोषणा की गई, जिससे माहौल में उत्साह और भी बढ़ गया।
अदिति भटनागर ने 'द मिस ग्लोब इंडिया' का प्रतिष्ठित खिताब जीता, जबकि खुशबू यादव 'मिस ओशियन इंडिया' बनीं। पूर्व विजेताओं ने नई विजेताओं को क्राउन पहनाकर सम्मानित किया।
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
इस फिनाले की सबसे खास बात यह रही कि यह प्रतियोगिता केवल खूबसूरती और रैंप वॉक तक ही सीमित नहीं थी। मॉडल्स ने अपने टैलेंट के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी गहरी सोच को सामने रखा।
प्रश्न-उत्तर राउंड के दौरान पर्यावरण संरक्षण को लेकर पूछे गए सवालों पर प्रतिभागियों के जवाबों ने जूरी सदस्यों को विशेष रूप से प्रभावित किया।
प्रकृति को बचाने पर जोर
मॉडल्स ने प्रकृति को बचाने, पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर भविष्य बनाने का संदेश दिया।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकास के साथ-साथ प्रकृति का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है। प्रतिभागियों ने प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने, अधिक से अधिक पेड़ लगाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की वकालत की।
मॉडल्स के आत्मविश्वास और सामाजिक सरोकार से जुड़े विचारों ने जूरी को यह निर्णय लेने में मदद की कि विजेता कौन होगा। जजों ने न केवल बाहरी सुंदरता, बल्कि उनकी सोच, व्यक्तित्व और जागरूकता को भी परखा।
*Edit with Google AI Studio