राजस्थान

अजमेर: चौरसियावास तालाब का कायाकल्प: अजमेर बनेगा झीलों की नगरी, चौरसियावास तालाब का होगा विकास

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 08 मई 2026, 11:54 दोपहर
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने चौरसियावास तालाब के विकास के लिए 5 करोड़ का रोडमैप तैयार किया।

अजमेर | राजस्थान के अजमेर शहर को अब झीलों की नगरी के रूप में एक नई वैश्विक पहचान मिलने वाली है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने चौरसियावास तालाब के समग्र विकास के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया है। इससे शहर के पर्यटन और सौंदर्यीकरण को नए पंख लगेंगे।

पर्यटन का नया केंद्र बनेगा चौरसियावास

आनासागर और वरुण सागर के बाद अब चौरसियावास तालाब शहर का तीसरा बड़ा आकर्षण केंद्र बनेगा। इस पूरी परियोजना पर लगभग 5 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

देवनानी ने तालाब क्षेत्र का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसमें सौंदर्यीकरण, आकर्षक लाइटिंग और पर्यटन सुविधाओं का विस्तार मुख्य प्राथमिकता होगी।

बोटिंग और कैफेटेरिया का मिलेगा आनंद

तालाब के विकास के दौरान इसकी मिट्टी निकालकर इसे गहरा किया जाएगा। इससे भविष्य में यहां पर्यटकों के लिए बोटिंग की सुविधा शुरू हो सकेगी।

झील के चारों ओर शानदार वॉक-वे, गार्डन और एक छोटा कैफेटेरिया भी बनाया जाएगा। इसके अलावा जेट फाउंटेन और डेकोरेटिव लाइट्स क्षेत्र की खूबसूरती बढ़ाएंगी।

"तालाब को इस तरह विकसित किया जाएगा कि स्थानीय लोगों और पर्यटकों को घूमने के लिए एक और बेहतरीन विकल्प मिल सके।"

अतिक्रमण पर होगी सख्त कार्रवाई

विधानसभा अध्यक्ष ने झील क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के सख्त निर्देश दिए हैं। तालाब की चारदीवारी को सुरक्षित कर इसकी स्पष्ट सीमा निर्धारित की जाएगी।

जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए भराव क्षेत्र को संरक्षित किया जाएगा। अजमेर विकास प्राधिकरण (एडीए) ने इसके लिए आवश्यक राशि स्वीकृत कर दी है।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि विकास कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना जल्द तैयार कर काम शुरू किया जाए। इससे आमजन को झील के कायाकल्प का लाभ शीघ्र मिल सकेगा।

पर्यावरण और जल संरक्षण पर जोर

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य न केवल पर्यटन है, बल्कि जल स्तर को सुधारना भी है। झील के आवक-जावक रास्तों को भी सुधारा जाएगा ताकि पानी का भराव सही रहे।

इस महत्वाकांक्षी पहल से न केवल अजमेर में पर्यटन को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय जल स्रोतों का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा। समयबद्ध तरीके से काम पूरा होने पर यह क्षेत्र शहर की नई लाइफलाइन और गौरव बनेगा।

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