अजमेर | राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने अजमेर शहर के प्रवेश मार्ग के कायाकल्प की तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने अशोक उद्यान से अंबेडकर सर्किल तक चल रहे सौंदर्यीकरण कार्यों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के प्रवेश द्वार पर्यटकों के लिए पहली छवि होते हैं। इसलिए इन्हें अजमेर की सांस्कृतिक और शैक्षणिक पहचान के अनुसार विकसित करना अनिवार्य है।
हेरिटेज थीम पर सजेगा प्रवेश मार्ग
देवनानी ने बस स्टैंड तक सड़क के दोनों ओर चरणबद्ध तरीके से हेरिटेज लाइटिंग लगाने को कहा। इसके साथ ही आकर्षक फव्वारे, पौधारोपण और हरित पट्टियां विकसित की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि सड़क किनारे और साइड वॉल्स पर टेराकोटा रंगों का उपयोग किया जाए। यहां अजमेर की ऐतिहासिक धरोहर को प्रदर्शित करने वाले भित्ति चित्र और पेंटिंग्स बनाई जाएंगी।
दीवारों पर उकेरा जाएगा गौरवशाली इतिहास
इन कलाकृतियों में चौहान शासकों, ऐतिहासिक झीलों और महान विभूतियों के चित्र शामिल होंगे। इससे नई पीढ़ी और आने वाले आगंतुकों को शहर की विरासत की जानकारी प्रभावी रूप से मिलेगी।
शिक्षा की नगरी के रूप में विख्यात अजमेर की विशिष्ट पहचान को भी विभिन्न कलात्मक माध्यमों से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
सम्राट पृथ्वीराज चौहान की लगेगी प्रतिमा
एमडीएस विश्वविद्यालय पुष्कर चौराहे पर एक भव्य सर्किल का निर्माण किया जाएगा। यहां सम्राट पृथ्वीराज चौहान की प्रतिमा स्थापित कर पूरे क्षेत्र को हेरिटेज स्वरूप में विकसित करने के निर्देश दिए गए।
अजमेर शहर का प्रवेश मार्ग प्रदेश एवं देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों एवं आगंतुकों के लिए प्रथम छवि प्रस्तुत करता है।
अतिक्रमण मुक्त और सुव्यवस्थित ड्रेनेज व्यवस्था
विधानसभा अध्यक्ष ने सड़कों की चौड़ाई एक समान रखने के लिए अतिक्रमण हटाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मार्ग के दोनों ओर व्यवस्थाएं पूरी तरह सुचारू और स्वच्छ होनी चाहिए।
जयपुर रोड पर रॉयल एनफील्ड शोरूम के पास होने वाले जलभराव की समस्या पर उन्होंने संज्ञान लिया। उन्होंने अधिकारियों को वर्षा ऋतु से पहले प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने का आदेश दिया।
आधुनिक सुविधाओं और परंपरा का संगम
देवनानी ने कहा कि विकास कार्यों में आधुनिक सुविधाओं के साथ अजमेर की ऐतिहासिक गरिमा का समन्वय होना चाहिए। इससे शहर को एक नई, स्वच्छ और सुंदर पहचान मिलेगी।
आरपीएससी कार्यालय के सामने सड़क की चौड़ाई समान रखने और वहां प्रतीक चिन्ह विकसित करने के भी निर्देश दिए गए। इससे यातायात सुगम होगा और शहर का सौंदर्य भी बढ़ेगा।
इन विकास कार्यों से अजमेर न केवल सुंदर बनेगा बल्कि पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र भी बनेगा। विधानसभा अध्यक्ष की यह पहल शहर के बुनियादी ढांचे को ऐतिहासिक पहचान के साथ जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है।
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