अजमेर | अजमेर की क्लॉक टावर थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लूट के मोबाइल फोन के अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने शहर के टॉप-10 बदमाशों की सूची में शामिल एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान पंकज जैन (42) के रूप में हुई है। यह बदमाश शहर में सक्रिय मोबाइल लूट गिरोहों से सीधे संपर्क में रहता था। वह लूटे गए मोबाइल फोन को कौड़ियों के दाम खरीदता था।
48 ब्रांडेड मोबाइल फोन बरामद
पुलिस ने आरोपी पंकज जैन की निशानदेही पर सघन छापेमारी की। इस दौरान पुलिस के हाथ 48 महंगे और ब्रांडेड मोबाइल फोन लगे हैं। इन फोन्स की बाजार में कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।
एसएचओ भीखाराम काला ने बताया कि बरामद किए गए मोबाइल फोन में से एक मोबाइल हाल ही में हुई लूट की वारदात से संबंधित है। पुलिस अब अन्य फोन्स के आईएमईआई नंबर के जरिए उनके असली मालिकों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
अलवर के युवक से हुई थी लूट
यह पूरा मामला तब खुला जब अलवर निवासी एक युवक ने अजमेर में लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़ित 16 फरवरी को अजमेर रेलवे स्टेशन पहुंचा था, जहां दो अज्ञात बदमाशों ने उसे बातों में फंसाकर अपना शिकार बनाया।
बदमाशों ने युवक को बातों में उलझाया और एक सुनसान जगह ले गए। वहां उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। बदमाश उसका कीमती मोबाइल, पर्स और जरूरी दस्तावेज छीनकर मौके से फरार हो गए थे।
200 सीसीटीवी कैमरों ने खोला राज
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर एक विशेष टीम बनाई गई। इस टीम ने स्टेशन और आसपास के इलाकों में लगे करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को दिन-रात एक करके खंगाला।
तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली सटीक सूचना पर पुलिस पंकज जैन तक पहुंची। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह लूट का माल बाजार में खपाने का काम करता था। फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे गिरोह की जड़ों तक पहुंचा जा सके।
पुलिस की अपील
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे सस्ते के चक्कर में बिना बिल के मोबाइल न खरीदें। ऐसे मोबाइल चोरी या लूट के हो सकते हैं, जिन्हें खरीदना आपको कानूनी पचड़े में डाल सकता है।
पंकज जैन की गिरफ्तारी से शहर में मोबाइल लूट की वारदातों में कमी आने की उम्मीद है। पुलिस अब उन लुटेरों की तलाश कर रही है जो पंकज को यह मोबाइल सप्लाई करते थे।