अजमेर | राजस्थान के अजमेर शहर में अरावली की शांत तलहटी में स्थित विवेकानंद पार्क अब एक नए अवतार में नजर आने वाला है। इसे एक आधुनिक आध्यात्मिक, योग और ध्यान केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
राज्य सरकार ने बजट में इस महत्वपूर्ण परियोजना की घोषणा की थी। इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह केंद्र शहरवासियों और पर्यटकों के लिए शांति का नया ठिकाना बनेगा।
विधानसभा अध्यक्ष ने लिया जायजा
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शनिवार को पार्क का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रस्तावित स्थल का बारीकी से जायजा लिया। देवनानी ने अधिकारियों को काम जल्द शुरू करने के कड़े निर्देश भी दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि अरावली की प्राकृतिक हरियाली के बीच यह केंद्र साधना के लिए श्रेष्ठ रहेगा। यहां आने वाले लोग शांत वातावरण में मेडिटेशन कर सकेंगे, जिससे मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होगा।
अत्याधुनिक सुविधाओं का होगा समावेश
इस केंद्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के साथ तैयार किया जाएगा। परियोजना के तहत यहां एक भव्य हॉल और विशेष मेडिटेशन रूम बनाए जाएंगे। योग सत्रों के लिए अलग से योग हॉल भी होगा।
इसके अलावा, यहां सेमिनार कक्ष और आकर्षक फव्वारे भी लगाए जाएंगे। पूरे परिसर में व्यापक वृक्षारोपण किया जाएगा। यह केंद्र योग शिविरों और आध्यात्मिक कार्यशालाओं के आयोजन के लिए एक आदर्श स्थान बनेगा।
"अजमेर शहर को योग और अध्यात्म के क्षेत्र में यह केंद्र एक नई वैश्विक पहचान देगा। इससे स्थानीय नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में काफी मदद मिलेगी।" - वासुदेव देवनानी
पर्यटन और संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा
यह पहल केवल स्थानीय लोगों तक सीमित नहीं रहेगी। देश-विदेश से आने वाले पर्यटक भी यहां के सुरम्य वातावरण में आध्यात्मिक अनुभव ले सकेंगे। इससे अजमेर के सांस्कृतिक महत्व में भी बड़ी बढ़ोतरी होगी।
अजमेर विकास प्राधिकरण के अधिकारी इस प्रोजेक्ट की निगरानी कर रहे हैं। योग संस्थाओं ने भी इस कदम की सराहना की है। यह केंद्र अजमेर के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
यह केंद्र आधुनिकता और आध्यात्मिकता का संगम होगा। आने वाले समय में यह राजस्थान के प्रमुख वेलनेस टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में उभरेगा, जिससे स्थानीय पर्यटन को मजबूती मिलेगी।
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