जोधपुर | राजस्थान के ऐतिहासिक शहर जोधपुर में आकाशवाणी की स्थापना के 90 वर्ष पूरे होने का जश्न बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस गौरवशाली यात्रा को यादगार बनाने के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के निर्देशों के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
रेडियो की महत्ता के लिए वॉकथॉन का आयोजन
आकाशवाणी की लोकप्रियता को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से शहर में आज एक विशेष वॉकथॉन का आयोजन किया गया। इस पदयात्रा के माध्यम से नागरिकों को रेडियो के ऐतिहासिक महत्व और इसकी वर्तमान प्रासंगिकता से अवगत कराया गया।
आकाशवाणी जोधपुर के क्लस्टर प्रमुख और उप महानिदेशक राजेंद्र नाहर ने इस कार्यक्रम का नेतृत्व किया। उन्होंने बताया कि यह वॉकथॉन आकाशवाणी केंद्र से मटकी चौराहा तक आयोजित की गई थी, जिसमें रेडियो के योगदान पर चर्चा हुई।
इस आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों और रेडियो प्रेमियों ने हिस्सा लिया। वॉकथॉन के दौरान लोगों को यह संदेश दिया गया कि डिजिटल क्रांति के युग में भी रेडियो सूचना का सबसे विश्वसनीय और सशक्त माध्यम बना हुआ है।
13 मई को सजेगी 'स्वरोत्सव' की सुरमई शाम
आकाशवाणी के इस स्थापना दिवस समारोह की अगली कड़ी में आगामी 13 मई को एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस भव्य कार्यक्रम को 'स्वरोत्सव' का शीर्षक दिया गया है जो कला प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा।
यह कार्यक्रम जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के बृहस्पति सभागार में आयोजित होगा। इसमें सुगम संगीत संध्या के अंतर्गत भजन और गजलों की सुमधुर प्रस्तुतियां दी जाएंगी। इस आयोजन में आकाशवाणी के मान्यता प्राप्त कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
आकाशवाणी का 90 वर्षों का इतिहास भारतीय लोकतंत्र और सांस्कृतिक चेतना की बुलंद आवाज़ रहा है। यह समारोह हमारी इसी गौरवशाली विरासत और सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण का सम्मान है।
राष्ट्रीय स्तर के दिग्गज कलाकार देंगे प्रस्तुति
स्वरोत्सव कार्यक्रम में जोधपुर के जाने-माने भजन गायक अनूपराज पुरोहित अपनी भक्तिपूर्ण प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे। उनके भजनों में राजस्थानी लोक संस्कृति और शास्त्रीय संगीत की गहरी झलक देखने को मिलती है।
उनके साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके गजल गायक आमिर हुसैन भी इस शाम की शोभा बढ़ाएंगे। आमिर हुसैन अपनी दिलकश आवाज में बेहतरीन गजलों का गुलदस्ता पेश कर श्रोताओं का दिल जीतेंगे।
संगीत की इस शाम को और भी खास बनाने के लिए राजन द्वारका तबले पर संगत करेंगे। वहीं, दीपक बोहरा अपनी बांसुरी की तानों से संगीत प्रेमियों को एक अलग ही रूहानी दुनिया में ले जाने का प्रयास करेंगे।
सार्वजनिक सेवा और सांस्कृतिक जुड़ाव का उत्सव
यह सुगम संगीत संध्या शाम सवा सात बजे से शुरू होगी। आयोजकों ने जानकारी दी है कि इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रवेश केवल आमंत्रण पत्रों के आधार पर ही दिया जाएगा, जिसकी तैयारी प्रशासन ने पूर्ण कर ली है।
आकाशवाणी के 90 वर्षों का यह सफर न केवल मनोरंजन बल्कि शिक्षा और सामाजिक जागरूकता का भी प्रतीक रहा है। जोधपुर में आयोजित ये कार्यक्रम रेडियो के प्रति जनता के पुराने लगाव को और भी अधिक मजबूत करेंगे।
निष्कर्षतः, यह समारोह आकाशवाणी की उस अटूट सेवा को समर्पित है जिसने दशकों से देश के हर कोने में सूचना की अलख जगाई है। यह आयोजन रेडियो की विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
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