जालोर। उम्मेदाबाद पंचायत समिति की आलासन ग्राम पंचायत में सरपंच चुनाव की मतगणना को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। दोबारा मतगणना और कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर सरपंच प्रत्याशी प्रकाश कंवर के पति करण सिंह की भूख हड़ताल 9वें दिन भी जारी रही।
धरना स्थल पर प्रदर्शनकारियों ने विरोध स्वरूप काली पट्टियां बांधीं और सद्बुद्धि यज्ञ किया। धरनार्थियों ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मतपत्रों का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोबारा मतगणना करवाने की मांग दोहराई।
सद्बुद्धि यज्ञ कर जताया आक्रोश
भूख हड़ताल के 9वें दिन धरना स्थल पर मौजूद लोगों ने सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लगातार मांग उठाने के बावजूद मतगणना से जुड़े सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है।
इस दौरान धरनार्थियों ने हाथों और सिर पर काली पट्टियां बांधकर विरोध जताया। उन्होंने संबंधित चुनाव अधिकारियों से मतगणना की पूरी प्रक्रिया और कुल मतपत्रों की संख्या स्पष्ट करने की मांग की।
पहली गिनती में 2 वोट से जीत का दावा
करण सिंह के अनुसार, आलासन ग्राम पंचायत के सरपंच चुनाव में उनकी पत्नी प्रकाश कंवर और जोग सिंह की पत्नी रकमा देवी के बीच मुकाबला था। उनका दावा है कि मतगणना के दौरान रात करीब 2 बजे रिटर्निंग अधिकारी ने प्रकाश कंवर को 2 वोट से विजयी घोषित किया था।
करण सिंह का कहना है कि इसके बाद पुलिस उन्हें घर ले जाने के लिए पहुंची थी। इसी दौरान दूसरे प्रत्याशी के पक्ष की ओर से दोबारा मतगणना की मांग की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरी बार हुई मतगणना में प्रकाश कंवर को 1 वोट से पराजित और रकमा देवी को विजयी घोषित कर दिया गया।
यह पूरा घटनाक्रम करण सिंह और धरना दे रहे पक्ष के दावों पर आधारित है। मतगणना और परिणाम की आधिकारिक प्रक्रिया से संबंधित दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
3127 की जगह 3125 मतपत्र मिलने का आरोप
करण सिंह का दावा है कि सरपंच चुनाव में कुल 3127 वोट डाले गए थे, लेकिन दोबारा मतगणना के दौरान केवल 3125 मतपत्र ही मिले। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मतदान के दौरान 3127 मतपत्र डाले गए थे तो दूसरी गिनती में 2 मतपत्र कम कैसे हो गए।
धरनार्थियों की मांग है कि मतदान केंद्र पर डाले गए मतों, निरस्त मतपत्रों, वैध मतों और दोबारा मतगणना के रिकॉर्ड का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए। उनका कहना है कि रिकॉर्ड सामने आने से मतपत्रों की संख्या को लेकर उठ रहे सवालों की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
भाजपा नेता पर भी लगाया आरोप
करण सिंह ने भाजपा नेता पुखराज वीराना पर मतगणना स्थल पर पहुंचकर प्रक्रिया को प्रभावित करने और कथित गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र अथवा आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित नेता का पक्ष भी सामने नहीं आया है।
धरनार्थियों ने मांग की है कि मतगणना स्थल पर मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की जाए। इसके साथ ही उपलब्ध रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए।
9 दिन बाद भी समाधान नहीं
दोबारा मतगणना की मांग को लेकर करण सिंह की भूख हड़ताल लगातार 9वें दिन जारी रहने से समर्थकों में नाराजगी है। धरनार्थियों का कहना है कि विवाद के समाधान और उनकी मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
फिलहाल संबंधित निर्वाचन अधिकारियों, प्रशासन, रकमा देवी पक्ष और आरोपित भाजपा नेता की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। मतगणना में गड़बड़ी हुई या नहीं, यह चुनाव रिकॉर्ड की जांच और सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
नोट: मतपत्रों की संख्या, पहली गिनती में जीत, दोबारा गिनती में हार और मतगणना प्रभावित करने से संबंधित बातें करण सिंह तथा धरनार्थियों के आरोपों पर आधारित हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सक्षम निर्वाचन प्राधिकारी द्वारा घोषित परिणाम ही किसी वैधानिक आदेश में बदलाव होने तक प्रभावी माना जाएगा।