ओटावा | कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अल्बर्टा प्रांत के कनाडा से अलग होने के प्रस्ताव को शुरुआती जनमत संग्रह परिणामों में खारिज किए जाने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अल्बर्टा के लोगों ने राष्ट्रीय एकता और साझा भविष्य को चुना है।
अल्बर्टा में अलगाव प्रस्ताव खारिज: कनाडा से अलग नहीं होगा अल्बर्टा, 76% वोटरों ने किया खारिज
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अल्बर्टा प्रांत के अलग होने के प्रस्ताव को जनमत संग्रह में खारिज किए जाने का स्वागत किया है। उन्होंने इसे राष्ट्रीय एकता की जीत बताया।
HIGHLIGHTS
- अल्बर्टा में 76 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने अलगाव प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया।
- प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि अल्बर्टा के लोगों ने एकता और कनाडा को चुना।
- लगभग 23 प्रतिशत लोगों ने अलगाव के बाध्यकारी जनमत संग्रह का समर्थन किया।
- आव्रजन नियंत्रण और सामाजिक सेवाओं से जुड़े अन्य प्रस्तावों पर भी मतदान हुआ।
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कार्नी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि 19 अक्टूबर को अल्बर्टा के लोगों ने स्पष्ट फैसला किया।
उन्होंने कहा कि अल्बर्टा की जनता ने एकता, मिलकर आगे बढ़ने और एक-दूसरे का ख्याल रखने का रास्ता चुना है।
जनमत संग्रह के शुरुआती नतीजे
सीबीसी न्यूज के मुताबिक, शुरुआती नतीजों में 76 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने अलगाव पर बाध्यकारी जनमत संग्रह कराने के प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया।
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वहीं, करीब 23 प्रतिशत लोगों ने इस अलगाव प्रस्ताव के समर्थन में अपना वोट दिया।
'फॉरएवर कैनेडियन' कार्यक्रम में जश्न
प्रस्ताव के खारिज होने का अनुमान सामने आने के बाद 'फॉरएवर कैनेडियन' कार्यक्रम में मौजूद समर्थकों ने खुशी मनाई।
सीबीसी न्यूज के अनुसार, समर्थकों ने नारे लगाए, मुट्ठियां उठाईं और झंडे लहराकर इस फैसले का जश्न मनाया।
आर्थिक विकास और ऊर्जा क्षमता
कार्नी ने कहा कि जनमत संग्रह के अन्य सवालों पर मतगणना जारी है, लेकिन इस फैसले से देश नए संकल्प के साथ आगे बढ़ेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार नए व्यापारिक साझेदार बनाने, बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स को गति देने और ऊर्जा क्षमता का विस्तार करने पर काम कर रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस रणनीति में अल्बर्टा की भूमिका केंद्रीय होगी और कनाडा वैश्विक ऊर्जा महाशक्ति के रूप में आगे बढ़ना चाहता है।
अन्य मुद्दों पर मतदाताओं की राय
जनमत संग्रह में अलगाव के सवाल के अलावा नौ अन्य मुद्दों पर भी मतदाताओं की राय मांगी गई थी।
- 57 प्रतिशत मतदाताओं ने आव्रजन नियंत्रण से जुड़े प्रस्ताव का समर्थन किया।
- 55 प्रतिशत ने नए प्रवासियों के लिए सामाजिक सेवाओं से संबंधित सवाल के पक्ष में मतदान किया।
- 57.3 प्रतिशत ने प्रवासियों के लिए प्रतीक्षा अवधि तय करने के प्रस्ताव का समर्थन किया।
- 54.3 प्रतिशत ने अस्थायी निवासियों से स्वास्थ्य सेवाओं का भुगतान कराने के पक्ष में वोट दिया।
- 58.9 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान के लिए नागरिकता प्रमाण अनिवार्य करने का समर्थन किया।
सीबीसी न्यूज के अनुसार, इन सवालों पर अभी अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
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