मुंबई | बॉलीवुड की सबसे सुरीली आवाजों में से एक, दिग्गज प्लेबैक सिंगर अलका याग्निक पिछले कुछ समय से एक बेहद कठिन दौर से गुजर रही हैं। उनकी जादुई आवाज ने दशकों तक करोड़ों दिलों पर राज किया है। लेकिन आज वही आवाज एक खामोशी के साये में जीने को मजबूर है। साल 2024 की शुरुआत में अलका ने अपनी एक ऐसी बीमारी का खुलासा किया था, जिसने पूरे संगीत जगत को हिलाकर रख दिया था। वे 'सेंसरी न्यूरल नर्व हियरिंग लॉस' नाम की एक दुर्लभ बीमारी से जूझ रही हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अलका ने अपनी सेहत पर नया अपडेट दिया है। उन्होंने बताया कि वह अभी भी इस समस्या से पूरी तरह उबर नहीं पाई हैं।
काम से दूरी बनाने की मजबूरी
अलका ने साझा किया कि इस बीमारी की वजह से वे फिलहाल कोई भी नया सिंगिंग असाइनमेंट नहीं ले पा रही हैं। उनके लिए माइक्रोफोन के सामने खड़े होकर गाना अब पहले जैसा आसान नहीं रहा। उन्होंने बताया कि हालांकि म्यूजिक कंपोजर्स अभी भी उनके पास नए गानों के ऑफर लेकर आते हैं, लेकिन उन्हें भारी मन से मना करना पड़ता है। यह उनके लिए काफी भावुक कर देने वाला फैसला होता है। उन्होंने कहा, "संगीतकार मेरे पास आते रहते हैं, लेकिन मैं काम करने की स्थिति में नहीं हूं।" यह खबर उनके उन करोड़ों प्रशंसकों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है जो उनकी वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
पद्म भूषण सम्मान और बेटी की खुशी
भले ही अलका शारीरिक रूप से चुनौतियों का सामना कर रही हैं, लेकिन हाल ही में उन्हें एक बहुत बड़ी खुशी मिली है। भारत सरकार ने उन्हें 'पद्म भूषण' सम्मान देने की घोषणा की है। इस सम्मान पर अपनी कृतज्ञता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी। उन्हें इस खुशखबरी के बारे में उनकी बेटी ने सबसे पहले बताया था, जिसे सुनकर वे दंग रह गईं। अलका ने कहा, "यह सम्मान जब भी मिले, इसका स्वागत ही होता है। मैं भारत सरकार की आभारी हूं कि उन्होंने मुझे इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के योग्य समझा और मेरे काम को सराहा।"
क्या है 'सेंसरी न्यूरल नर्व हियरिंग लॉस'?
अपनी बीमारी की शुरुआत को याद करते हुए अलका ने बताया था कि यह सब एक अचानक हुए वायरल इंफेक्शन की वजह से हुआ था। इसने उनकी सुनने की क्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। उन्होंने इसे एक "अचानक लगा बड़ा झटका" करार दिया था। तब से ही वे ज्यादातर समय लोगों की नजरों से दूर रही हैं और अपनी रिकवरी को ही अपनी पहली प्राथमिकता बना रखी है। अलका का आखिरी रिकॉर्ड किया गया गाना फिल्म 'अमर सिंह चमकीला' का 'नरम कालजा' था। इस गाने को ए.आर. रहमान ने कंपोज किया था और इसे काफी पसंद भी किया गया था। तब से लेकर अब तक, अलका ने खुद को रिकॉर्डिंग स्टूडियो से दूर रखा है। वे अपनी रिकवरी पर ध्यान दे रही हैं और शोर-शराबे वाली जगहों से पूरी तरह परहेज कर रही हैं।
प्रशंसकों की दुआओं का सहारा
इंटरव्यू के दौरान अलका काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने अपने प्रशंसकों से अपील की है कि वे उन्हें अपनी दुआओं में याद रखें। उनका मानना है कि प्रशंसकों का प्यार ही उन्हें ठीक होने की शक्ति देगा। सोशल मीडिया पर अलका के लिए दुआओं का दौर जारी है। बॉलीवुड के कई बड़े सितारों और उनके साथियों ने भी उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है और उन्हें हिम्मत दी है। अलका याग्निक का संघर्ष उन सभी लोगों के लिए एक प्रेरणा है जो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनकी सकारात्मकता और धैर्य वाकई में काबिले तारीफ है।
भविष्य की उम्मीदें
संगीत प्रेमी यही उम्मीद कर रहे हैं कि 90 के दशक की यह 'मेलोडी क्वीन' जल्द ही अपनी बीमारी को मात देकर वापसी करेंगी। उनकी सुरीली आवाज के बिना बॉलीवुड का संगीत अधूरा सा लगता है। इस कठिन समय में अलका का हौसला ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है। पद्म भूषण जैसा सम्मान उन्हें मानसिक रूप से और भी अधिक मजबूती प्रदान करेगा और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। हम सभी अलका याग्निक के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। उम्मीद है कि वह दिन जल्द आएगा जब हम फिर से उनकी जादुई आवाज को नए गीतों के जरिए सुन सकेंगे और वे फिर से मंच पर लौटेंगी।