राजस्थान

अलवर में जल संरक्षण की बड़ी पहल: अलवर में एनीकट निर्माण से सुधरेगा जलस्तर: मंत्री संजय शर्मा ने दिए गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने के निर्देश

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 14 अप्रैल 2026, 09:56 सुबह
वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने अलवर में निर्माणाधीन एनीकटों का निरीक्षण किया। उन्होंने जल संरक्षण और वन्यजीवों की सुविधा के लिए कार्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया।

अलवर | राजस्थान के वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री संजय शर्मा ने अलवर शहर के विकास और जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने सोमवार को भाखेड़ा और भूरासिद्ध मंदिर के पीछे बन रहे एनीकटों का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री शर्मा ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। उन्होंने कहा कि सभी एनीकट, जोहड़ और तालाबों के काम को जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए।

गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि एनीकट्स में मिट्टी और कचरा जमा न हो, इसके लिए नियमित सफाई और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। ताकि बारिश का पानी सही ढंग से इकट्ठा हो सके। शहर के जरखवाला और प्रतापबंध जोहडी जैसे इलाकों में नगर निगम द्वारा एनीकट और पॉण्ड का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इन जल संरचनाओं से शहर के एक बड़े हिस्से का भूजल स्तर ऊपर उठेगा।

वन्यजीवों और पर्यावरण को लाभ

इन परियोजनाओं का लाभ केवल इंसानों को ही नहीं, बल्कि बेजुबान पशु-पक्षियों और वन्यजीवों को भी मिलेगा। पानी की उपलब्धता होने से उन्हें पीने के पानी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। एनीकटों में पानी रुकने से आसपास की जमीन में नमी बनी रहेगी। इससे पेड़-पौधे, घास और झाड़ियां हरी-भरी रहेंगी, जिससे मवेशियों के लिए चारे की कमी नहीं होगी।

पेयजल संकट का स्थायी समाधान

अलवर की पेयजल समस्या को खत्म करने के लिए सिलीसेढ पाइपलाइन और नटनी का बारा से जयसमंद कैनाल का काम भी प्रगति पर है। ईआरसीपी और चम्बल-भरतपुर योजना से भी जिले को बड़ी राहत मिलेगी। मंत्री संजय शर्मा ने आमजन से भी अपील की है कि वे अपने घरों में 'रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम' जरूर बनवाएं। बूंद-बूंद पानी बचाकर ही हम भविष्य को सुरक्षित कर सकते हैं।

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