राजस्थान

एक्सप्रेसवे पर सिपाही की गुंडागर्दी: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कॉन्स्टेबल ने ट्रक ड्राइवर को बेरहमी से पीटा, वीडियो वायरल होने के बाद एसपी ने किया लाइन हाजिर

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 21 अप्रैल 2026, 05:22 शाम
अलवर में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक सिपाही द्वारा ट्रक ड्राइवर की सरेआम पिटाई का वीडियो वायरल हुआ है। ₹200 की कथित वसूली के विवाद में हुई इस घटना के बाद एसपी ने आरोपी कॉन्स्टेबल को लाइन हाजिर कर दिया है।

अलवर | राजस्थान के अलवर जिले से खाकी को शर्मसार करने वाली एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक पुलिस कॉन्स्टेबल ने सरेआम अपनी वर्दी का रौब दिखाते हुए एक ट्रक ड्राइवर की बेरहमी से पिटाई कर दी।

इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी किस तरह कानून को अपने हाथ में लेकर एक निहत्थे नागरिक पर कहर बरपा रहा है।

यह पूरी घटना अलवर के नौगांवा थाना क्षेत्र की है। सोमवार दोपहर करीब 3 बजे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की पुलिया नंबर 85 पर यह विवाद शुरू हुआ, जिसने जल्द ही हिंसक रूप ले लिया।

पुलिया नंबर 85 पर हुई वारदात

घटना रसगन गांव के पास स्थित एक्सप्रेसवे की पुलिया पर हुई। पीड़ित ड्राइवर की पहचान राजू (35) के रूप में हुई है, जो सुभान खां का बेटा है और भरतपुर के सीकरी का रहने वाला है।

राजू अपने एक साथी अनुज के साथ दिल्ली जाने के लिए गाड़ी का इंतजार कर रहा था। एक्सप्रेसवे पर अक्सर ड्राइवर इसी तरह ट्रकों में लिफ्ट लेकर अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं और वहीं उतरते हैं।

तभी वहां तैनात नौगांवा थाने के कॉन्स्टेबल अनुराग और अन्य पुलिसकर्मियों ने उन्हें वहां खड़े होने पर टोका। पुलिस का कहना था कि एक्सप्रेसवे पर इस तरह खड़े होकर गाड़ी में बैठना नियमों के खिलाफ है।

₹200 की वसूली का आरोप

ड्राइवर के परिजनों ने पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। राजू के भाई हाकम खां ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने वहां से गाड़ी में बैठने देने के बदले ₹200 की मांग की थी।

जब राजू ने पैसे देने से इनकार किया और इस बात पर बहस की, तो कॉन्स्टेबल अनुराग भड़क गया। उसने आव देखा न ताव और राजू पर थप्पड़ों और लातों की बरसात कर दी।

परिजनों का कहना है कि राजू सिर्फ अपनी बात रख रहा था। लेकिन पुलिसकर्मी ने उसे किसी अपराधी की तरह सड़क पर पटक दिया और उसके ऊपर चढ़कर उसे पीटना शुरू कर दिया।

वीडियो में कैद हुई बर्बरता

सोशल मीडिया पर वायरल हुए मारपीट के वीडियो में कॉन्स्टेबल की क्रूरता साफ नजर आ रही है। सिपाही राजू को सड़क पर घसीटते हुए और बार-बार पटकते हुए दिख रहा है। राजू रहम की भीख मांगता रहा पर सिपाही नहीं रुका।

राजू के साथ मौजूद युवक अनुज ने तुरंत इस घटना की जानकारी उसके परिवार को फोन पर दी। जब तक परिजन मौके पर पहुंचे, तब तक राजू की हालत काफी नाजुक हो चुकी थी और वह दर्द से कराह रहा था।

हाकम खां ने बताया कि राजू को तुरंत नौगांवा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन राजू के शरीर पर अंदरूनी चोटें और दर्द काफी ज्यादा था।

अलवर रेफर किया गया घायल ड्राइवर

नौगांवा अस्पताल के डॉक्टरों ने राजू की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए अलवर जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। फिलहाल उसका उपचार जारी है और परिजन सदमे में हैं।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और ट्रक ड्राइवरों में भारी रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर तैनात पुलिसकर्मी अक्सर इसी तरह की अवैध वसूली के लिए गरीब ड्राइवरों को परेशान करते हैं।

एसपी ने लिया कड़ा एक्शन

जैसे ही मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया के जरिए एसपी सुधीर चौधरी के पास पहुंचा, उन्होंने मामले की गंभीरता को समझा। उन्होंने तुरंत प्रभाव से आरोपी कॉन्स्टेबल अनुराग को लाइन हाजिर कर दिया।

कॉन्स्टेबल को नौगांवा थाने से हटाकर अलवर पुलिस लाइन भेज दिया गया है। एसपी ने इस मामले में निष्पक्ष विभागीय जांच के आदेश दिए हैं ताकि पूरी सच्चाई और वसूली के आरोपों की पुष्टि हो सके।

डीएसपी ने दी सफाई

रामगढ़ के डीएसपी पिंटू कुमार ने बताया कि पुलिस वहां 'लेन अनुशासन' के लिए विशेष अभियान चला रही थी। एक्सप्रेसवे पर भारी वाहनों को सही लेन में चलाने के लिए ड्राइवरों को समझाइश दी जा रही थी।

डीएसपी का दावा है कि विवाद तब शुरू हुआ जब ड्राइवर मोबाइल से पुलिस की कार्यवाही का वीडियो बनाने लगा। इसी बात पर कहासुनी हुई जो बाद में हिंसक झगड़े में तब्दील हो गई और मारपीट हुई।

अवैध वसूली के आरोपों पर डीएसपी ने कहा कि शुरुआती जांच में पैसे मांगने जैसी कोई पुख्ता बात सामने नहीं आई है। हालांकि, सिपाही द्वारा मारपीट के तरीके को उन्होंने बिल्कुल गलत और अनुशासनहीन माना है।

विभागीय जांच के आदेश

पुलिस विभाग ने इस मामले में एक जांच कमेटी गठित कर दी है। यह कमेटी मौके पर मौजूद अन्य गवाहों और वायरल वीडियो फुटेज की बारीकी से जांच कर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।

जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी कॉन्स्टेबल के खिलाफ आगे की कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि विभाग में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

क्या कहते हैं कानून के जानकार?

कानून के जानकारों का कहना है कि किसी भी पुलिसकर्मी को किसी नागरिक पर शारीरिक हमला करने का अधिकार नहीं है। अगर कोई कानून तोड़ता है, तो उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत चालान या गिरफ्तारी होनी चाहिए।

सरेआम सड़क पर इस तरह की मारपीट मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की छवि को जनता की नजरों में धूमिल किया है और पुलिस ट्रेनिंग पर सवाल उठाए हैं।

फिलहाल, घायल राजू के परिजन न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। वे चाहते हैं कि आरोपी सिपाही को न सिर्फ लाइन हाजिर किया जाए, बल्कि उस पर मारपीट का मुकदमा दर्ज कर उसे सेवा से बर्खास्त किया जाए।

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