अलवर | राजस्थान के अलवर जिले के बानसूर उपखंड स्थित रामपुर गांव में मंगलवार को एक हृदयविदारक और डरावनी घटना घटी। यहां एक बुजुर्ग के अंतिम संस्कार के दौरान अचानक हजारों मधुमक्खियों ने ग्रामीणों पर हमला कर दिया। इस अप्रत्याशित हमले में करीब 50 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। मधुमक्खियों के झुंड के हमले से श्मशान घाट पर अचानक अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। अंतिम विदाई देने आए लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
अंतिम संस्कार के दौरान मची भगदड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रामपुर गांव में ग्रामीण रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया चल रही थी। बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार दिवंगत को अंतिम विदाई देने के लिए श्मशान घाट पर एकत्र हुए थे। इसी दौरान, पास के एक पेड़ पर लगे मधुमक्खियों के बड़े छत्ते में अज्ञात कारणों से हलचल हुई और देखते ही देखते हजारों मधुमक्खियों का झुंड लोगों पर टूट पड़ा। लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही मधुमक्खियों ने उन्हें डंक मारना शुरू कर दिया।
खेतों और घरों में ली शरण
जैसे ही मधुमक्खियों ने हमला किया, वहां मौजूद बुजुर्ग, युवा और बच्चे अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे। स्थिति इतनी भयावह थी कि लोग धुएं और कपड़ों का सहारा लेने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन मधुमक्खियों ने उन्हें संभलने का मौका नहीं दिया। बचने के लिए कई ग्रामीणों ने पास के खेतों में छिपकर तो कुछ ने दौड़कर नजदीकी घरों में शरण ली। मधुमक्खियों का प्रकोप इतना अधिक था कि काफी देर तक श्मशान घाट के पास सन्नाटा पसर गया और लोग दूर से ही स्थिति को देखते रहे।
अस्पताल में घायलों का उपचार
घटना की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए निजी वाहनों और एंबुलेंस की मदद से घायलों को तुरंत रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया। सीएचसी में तैनात चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ ने घायलों का तुरंत उपचार शुरू किया। अधिकांश लोगों के चेहरे, हाथ और सिर पर मधुमक्खियों के डंक के गहरे निशान थे। घायलों में से 3 लोगों की स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत बानसूर उप जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में सभी घायलों की स्थिति स्थिर है।
प्रशासन से सुरक्षा की मांग
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अस्पताल में घायलों के परिजनों की भारी भीड़ जमा हो गई। अंतिम संस्कार जैसी शांत और शोकमय घड़ी में इस तरह की घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सार्वजनिक स्थानों और श्मशान घाटों के आसपास लगे खतरनाक छत्तों को सुरक्षित रूप से हटवाया जाए। इससे भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सकेगा। फिलहाल सभी घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराया जा रहा है और डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।