असम | असम में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक विशाल जनसभा में भाजपा के संकल्पों को दोहराया। अमित शाह ने कहा कि अवैध घुसपैठ असम की संस्कृति और संसाधनों के लिए सबसे बड़ा खतरा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार ही इस समस्या का स्थायी समाधान निकाल सकती है। शाह के अनुसार, घुसपैठिए राज्य के युवाओं की नौकरियों और गरीबों के राशन पर कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने वादा किया कि सत्ता में वापसी पर एक-एक घुसपैठिये की पहचान कर उन्हें हटाया जाएगा।
कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति का आरोप
गृह मंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उसने हमेशा घुसपैठियों को संरक्षण दिया। उन्होंने 1950 और 1983 के कानूनों का जिक्र करते हुए कांग्रेस की नीतियों को दोषपूर्ण बताया। शाह ने कहा कि कांग्रेस ने केवल अपने वोट बैंक को सुरक्षित करने के लिए असम की सुरक्षा से समझौता किया। उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी सवाल उठाते हुए कांग्रेस को दिशाहीन बताया।
सांस्कृतिक पहचान और 'श्रीभूमि' का नामकरण
भाजपा सरकार द्वारा करीमगंज का नाम बदलकर 'श्रीभूमि' करने के फैसले पर शाह ने गर्व जताया। उन्होंने कहा कि यह कदम क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करने के लिए उठाया गया है। शाह ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का समर्थन करते हुए इसे प्रताड़ित अल्पसंख्यकों के लिए न्याय बताया। उन्होंने जोर दिया कि भाजपा राज्य की जमीन और पहचान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास का दावा
शाह ने कहा कि अगर असम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में एनडीए की सरकारें मजबूत रहती हैं, तो सीमा पार से होने वाली घुसपैठ को शून्य पर लाया जा सकता है। उन्होंने चाय बागान मजदूरों और स्थानीय समुदायों के आर्थिक हितों की रक्षा का भी वादा किया। शाह ने विश्वास जताया कि जनता विकास और सुरक्षा के नाम पर भाजपा को भारी बहुमत देगी। रैली के समापन पर उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे ऐसी सरकार चुनें जो घुसपैठ मुक्त और समृद्ध असम का निर्माण कर सके। उन्होंने दावा किया कि भाजपा की जीत राज्य के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है।