जयपुर | राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित बीकानेर दौरे को लेकर सुरक्षा तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े विभिन्न सुरक्षा और प्रशासनिक विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीमावर्ती जिलों में निगरानी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सभी सुरक्षा एजेंसियां आपसी तालमेल के साथ कार्य करें ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो।
सुरक्षा और अंतर-एजेंसी समन्वय
बैठक में मुख्य सचिव ने संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए एक मजबूत तंत्र विकसित करना समय की मांग है।
संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखने और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए एक मजबूत संयुक्त कार्यवाही तंत्र का होना बेहद जरूरी है।
तस्करी और ड्रोन पर विशेष नजर
बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी और ड्रोन गतिविधियों की निगरानी पर विशेष चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने सीसीटीवी नेटवर्क और भारतमाला मार्ग के सुरक्षा प्रबंधन को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए ताकि किसी भी अवैध गतिविधि को तुरंत रोका जा सके।
जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर के जिला कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक से जुड़े। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को और अधिक मजबूत करें।
आगामी दौरे की तैयारियां
गृह मंत्री के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा ढांचे की समीक्षा करना सरकार की प्राथमिकता है। इसमें पुलिस चौकियों और निगरानी तंत्र को आधुनिक बनाने पर जोर दिया गया है। सीमा सुरक्षा बल और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधिकारी भी इस रणनीति का हिस्सा रहे।
निष्कर्ष के तौर पर, यह बैठक राजस्थान की अंतरराष्ट्रीय सीमा को अभेद्य बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार का लक्ष्य तकनीक और बेहतर समन्वय के जरिए सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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