राजस्थान

बीकानेर दौरा: अमित शाह बीकानेर में पाक सीमा पर सुरक्षा का लेंगे जायजा

बलजीत सिंह शेखावत · 18 मई 2026, 01:37 दोपहर
गृह मंत्री अमित शाह 25 मई को बीकानेर आएंगे, ड्रोन घुसपैठ और सुरक्षा पर होगी बड़ी बैठक।

बीकानेर | मध्य पूर्व में बढ़ते वैश्विक तनाव और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राजस्थान की भारत-पाकिस्तान सीमा की सुरक्षा व्यवस्था को परखने खुद मैदान में उतर रहे हैं। आगामी 25 मई को अमित शाह का बीकानेर आगमन प्रस्तावित है। बीकानेर संभाग का बॉर्डर इलाका सीधे तौर पर पाकिस्तान की नापाक हरकतों की जद में रहता है। इसलिए इस दौरे को राष्ट्रीय सुरक्षा और मरुधरा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गृह मंत्री का यह दौरा सुरक्षा बलों के लिए संजीवनी का काम करेगा।

तैयारियों का लिया गया जायजा

इस महा-दौरे की पूर्व तैयारी को लेकर रविवार को बीकानेर में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम Meghwal ने एक हाई-लेवल प्री-विजिट मीटिंग आयोजित की। इस बैठक में सुरक्षा के सभी पहलुओं पर चर्चा हुई।

बैठक में बीकानेर रेंज के आईजी ओमप्रकाश और सीमा सुरक्षा बल के डीआईजी अजय लूथरा समेत कई खुफिया विभागों के आला अफसर मौजूद रहे। उन्होंने सुरक्षा प्रोटोकॉल पर विस्तार से अपनी रिपोर्ट पेश की।

बैठक में गृह मंत्री के रूट और बॉर्डर के मुख्य एजेंडों पर घंटों मंथन किया गया। सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई चूक न हो।

25 मई का संभावित कार्यक्रम

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बताया कि गृह मंत्री अमित शाह का आधिकारिक प्रोटोकॉल जल्द ही दिल्ली से जारी कर दिया जाएगा। शुरुआती तैयारियों के अनुसार कार्यक्रम काफी व्यस्त रहने वाला है।

25 मई की शाम को अमित शाह विशेष विमान से बीकानेर के नाल एयरपोर्ट पहुंचेंगे। वहां उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके बाद वे शहर के गणमान्य लोगों से संवाद कर सकते हैं।

उनका रात्रि विश्राम बीकानेर मुख्यालय पर ही तय किया गया है। वहां सुरक्षा के अभूतपूर्व और पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि गृह मंत्री की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

सीमा पर जवानों से संवाद

26 मई की सुबह गृह मंत्री सीधे भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित सीमा सुरक्षा बल की एक अग्रिम सीमा चौकी का औचक निरीक्षण करेंगे। वे वहां की भौगोलिक स्थिति को समझेंगे।

वहां वे कड़कड़ाती धूप और थार के रेगिस्तान में देश की रक्षा कर रहे जवानों से रूबरू होंगे। वे जवानों के साथ संवाद कर उनका हौसला बढ़ाएंगे और उनकी समस्याओं को सुनेंगे।

अमित शाह जवानों के साथ समय बिताएंगे और दुर्गम परिस्थितियों में उनकी ड्यूटी की सराहना करेंगे। वे जमीनी स्तर पर आने वाली चुनौतियों और रसद आपूर्ति की व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।

हाई-लेवल सिक्योरिटी मीटिंग

इस यात्रा का सबसे मुख्य हिस्सा 26 मई को बीकानेर स्थित बीएसएफ मुख्यालय में होने वाली हाई-लेवल सिक्योरिटी मीटिंग है। इसमें देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा पर चर्चा होगी।

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने भी हाल ही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गृह मंत्रालय के अफसरों और राजस्थान पुलिस के मुखिया के साथ तैयारियों का जायजा लिया है।

ड्रोन और ड्रग्स के खिलाफ रणनीति

पिछले कुछ महीनों में बीकानेर और श्रीगंगानगर से सटे बॉर्डर इलाकों में पाकिस्तान की ओर से किए जा रहे ड्रोन मूवमेंट में अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखी गई है। यह एक गंभीर सुरक्षा चिंता है।

पाकिस्तानी तस्कर अब रात के अंधेरे में आधुनिक और कम आवाज करने वाले चीनी ड्रोनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनके जरिए हेरोइन और अवैध हथियार भारतीय सीमा में भेजे जा रहे हैं।

बीएसएफ की खुफिया विंग और आईबी के आला अफसर गृह मंत्री के सामने एक सीक्रेट प्रेजेंटेशन रखेंगे। इसमें तस्करी के नए रूट और पाकिस्तान की नई साजिशों का खुलासा किया जाएगा।

स्वदेशी एंटी-ड्रोन तकनीक

अमित शाह इस बैठक में पूरे राजस्थान बॉर्डर पर 'इंडीजीनस एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी' और लेजर फेंसिंग को मजबूत करने के लिए बड़ा फंड जारी कर सकते हैं। इससे सीमा की निगरानी बढ़ेगी।

स्थानीय स्तर पर तस्करों के मददगारों और उनके लोकल नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए स्थानीय पुलिस को कड़े निर्देश दिए जाएंगे। इस संबंध में नई गाइडलाइन भी जारी हो सकती है।

जब पूरी दुनिया में सामरिक समीकरण बदल रहे हैं, तब भारत अपनी सीमाओं को एक इंच भी कमजोर नहीं छोड़ सकता। मोदी सरकार की नीतियां इंडिया फर्स्ट पर आधारित हैं।

राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि

अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की रक्षा नीतियां हमेशा मजबूत रही हैं। अमित शाह का दौरा यह संदेश देगा कि भारत की सीमाएं अभेद्य हैं।

इस दौरे से न केवल सुरक्षा एजेंसियां सतर्क होंगी, बल्कि स्थानीय निवासियों में भी सुरक्षा का भाव बढ़ेगा। यह यात्रा राजस्थान बॉर्डर की सुरक्षा के लिए एक नया मील का पत्थर साबित होगी।

अमित शाह की यह यात्रा सीमा पार बैठे भारत के दुश्मनों को भी एक स्पष्ट और कड़ा संदेश है। भारत अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए हर तकनीक का उपयोग करेगा।

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