नई दिल्ली | केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर देश के लिए जान गंवाने वाले बहादुर पुलिसकर्मियों को याद किया। उन्होंने दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
शहीदों के बलिदान को नमन
अमित शाह ने कहा कि आज दुनिया में भारत जिस मुकाम पर खड़ा है, उसके पीछे हमारे बहादुर जवानों की कुर्बानी है।
उन्होंने कहा कि अगर इन जवानों ने देश की सुरक्षा के लिए अपनी जान नहीं दी होती, तो आज भारत कहां होता, इसकी कल्पना करना भी मुश्किल है।
आजादी से अब तक का योगदान
गृह मंत्री ने आजादी के समय से लेकर अब तक शहीद हुए सभी जवानों को याद किया।
उन्होंने कहा कि इन जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना देश और लोगों की सुरक्षा के लिए काम किया।
मुश्किल हालात में भी वे अपनी ड्यूटी से पीछे नहीं हटे और देश की सेवा में डटे रहे।
सुरक्षा चुनौतियों पर काबू
अमित शाह ने बताया कि नक्सल हिंसा में अब तक 13,700 से ज्यादा आम लोगों की जान गई है।
इस दौरान 3,600 जवान भी शहीद हुए हैं।
उन्होंने कहा कि कश्मीर, पूर्वोत्तर राज्यों और नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है।
नशामुक्त भारत का लक्ष्य
गृह मंत्री ने देश को 31 दिसंबर 2029 तक पूरी तरह नशामुक्त बनाने का लक्ष्य दोहराया।
उन्होंने पुलिस बल से अपील की कि सभी मिलकर नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ें।
शाह ने कहा कि देश के भीतर शांति और सीमाओं की रक्षा में जवानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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