बालोतरा | राजस्थान के बालोतरा जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान में पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अफीम जब्त की है। यह कार्रवाई बालोतरा के कांखी क्षेत्र में स्थित परिहारों की ढाणी में अंजाम दी गई, जहां पुलिस ने एक तस्कर को गिरफ्तार किया है।
खुफिया सूचना पर बड़ी कार्रवाई
आईजी विकास कुमार ने बताया कि टीम को पिछले काफी समय से इस इलाके में तस्करी की गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। इसके बाद एक विशेष रणनीति तैयार की गई ताकि आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा जा सके और वह भागने में सफल न हो। टीम ने अपनी पहचान छिपाने के लिए सिविल ड्रेस का सहारा लिया और गुप्त रूप से गांव के बाहरी इलाकों में अपनी पैठ बनाई। जब टीम परिहारों की ढाणी पहुंची, तो वहां देवीचंद (34) पुत्र पूनमाराम की गतिविधियों पर काफी बारीकी से नजर रखी गई।
पशु बाड़े में छिपाया था मौत का सामान
पुलिस ने जब उसके घर पर अचानक दबिश दी, तो आरोपी हक्का-बक्का रह गया और उसने भागने की असफल कोशिश भी की। हालांकि, मुस्तैद पुलिस कर्मियों ने उसे चारों तरफ से घेराबंदी कर मौके पर ही दबोच लिया और प्रारंभिक पूछताछ शुरू की। शुरुआती जांच में आरोपी ने किसी भी अवैध गतिविधि से साफ इनकार किया, लेकिन पुलिस के पास पुख्ता इनपुट मौजूद थे। इसके बाद टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से घर और आसपास के पूरे परिसर की अत्यंत गहन तलाशी लेना शुरू किया। तलाशी के दौरान पुलिस की नजर घर के पिछले हिस्से में बने पशुओं के बाड़े पर पड़ी, जहां कुछ संदिग्ध मिट्टी खुदी हुई दिखी। जब बाड़े के एक कोने में गहराई से तलाशी ली गई, तो वहां से 1.5 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाली अवैध अफीम बरामद हुई। आरोपी ने इस नशीले पदार्थ को बहुत ही शातिराना तरीके से पशुओं के चारे और गंदगी के बीच छिपाया था ताकि किसी को शक न हो।
गिरफ्तारी और पूछताछ का दौर
पुलिस ने तुरंत अफीम को जब्त कर लिया और आरोपी देवीचंद को एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी अफीम की खरीद और इसकी सप्लाई चेन को लेकर कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया है। वह बार-बार अपने बयान बदल रहा है, जिससे पुलिस को अंदेशा है कि वह किसी बहुत बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का हिस्सा हो सकता है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह अफीम किस स्रोत से लाई गई थी और इसे आगे किसे बेचा जाना था। बालोतरा और बाड़मेर के सीमावर्ती इलाकों में मादक पदार्थों की तस्करी एक बड़ी सुरक्षा चुनौती के रूप में उभरकर सामने आई है।
नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति
राजस्थान पुलिस प्रशासन लगातार नशे के सौदागरों के खिलाफ 'ऑपरेशन फ्लश आउट' जैसे कड़े अभियान चला रहा है। आईजी विकास कुमार ने स्पष्ट किया कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ यह जीरो टॉलरेंस की नीति भविष्य में भी जारी रहेगी। स्थानीय लोगों से भी लगातार अपील की जा रही है कि वे अपने आसपास होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत दें। पकड़ी गई अफीम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है, जो तस्करी के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करती है।
नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
तस्करी के इस मामले में पुलिस अब आरोपी के मोबाइल कॉल डिटेल्स और बैंक खातों के लेन-देन की भी गहनता से जांच कर रही है। इससे यह साफ हो सकेगा कि इस अवैध कारोबार में पर्दे के पीछे और कौन-कौन से रसूखदार लोग शामिल हो सकते हैं। ग्रामीण इलाकों में पशु बाड़ों और खेतों का उपयोग तस्करी के सामान को छिपाने के लिए करना एक नया और खतरनाक ट्रेंड बन गया है। पुलिस अब उन सभी संदिग्ध ठिकानों की एक विस्तृत सूची बना रही है जहां पूर्व में भी इस तरह की गतिविधियां होने की संभावना रही है।
कानूनी प्रक्रिया और रिमांड
आरोपी देवीचंद को स्थानीय न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है ताकि उससे और राज उगलवाए जा सकें। रिमांड के दौरान कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है, जिससे क्षेत्र के अन्य छोटे-बड़े तस्करों में भारी हड़कंप मचा हुआ है। नशे की बढ़ती लत स्थानीय युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से बर्बाद कर रही है, जिसे रोकना पुलिस की प्राथमिकता है। बालोतरा पुलिस और एएनटीएफ की इस सफल संयुक्त कार्रवाई की उच्च अधिकारियों द्वारा सराहना की गई है और टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।
तस्करी के रास्तों पर कड़ी नजर
पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी रास्तों का उपयोग अक्सर तस्कर पुलिस से बचने के लिए करते हैं, लेकिन अब तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। ड्रोन और अन्य आधुनिक उपकरणों के माध्यम से संदिग्ध इलाकों की निगरानी बढ़ाई गई है ताकि तस्करी की कमर तोड़ी जा सके। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से क्षेत्र में अफीम की सप्लाई चेन को एक बड़ा झटका लगा है और कई कड़ियां जुड़ी हैं। आगामी दिनों में इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं, क्योंकि पुलिस ने कई संदिग्धों को रडार पर ले लिया है।
नागरिकों से सहयोग की अपील
पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की है कि वे नशे के इस जाल को काटने में प्रशासन का सक्रिय रूप से सहयोग करें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा और उसे उचित इनाम भी दिया जाएगा ताकि लोग बेखौफ होकर आगे आ सकें। नशा मुक्त समाज बनाने की दिशा में यह कार्रवाई एक मील का पत्थर साबित होगी और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करेगी। फिलहाल, पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपी के बताए गए ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं ताकि माल की बरामदगी बढ़ाई जा सके।