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एक पेड़ मां के नाम: अर्बुदा गौशाला में 'एक पेड़ मां के नाम' का संकल्प गूंजा

गणपत सिंह मांडोली · 16 अगस्त 2026, 07:05 शाम
सिरोही की अर्बुदा गौशाला में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत 25 हजार पौधे लगाने का संकल्प लिया गया। मंत्री ओटाराम देवासी ने शेड निर्माण के लिए 21 लाख रुपए की घोषणा की।

सिरोही | अर्बुदा गौशाला के विशाल प्रांगण में रविवार को प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह समारोह स्व. दलपत राजपुरोहित मण्डवारिया की पुण्य स्मृति में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत आयोजित हुआ, जिसमें 25 हजार पौधे लगाने का संकल्प लिया गया।

25 हजार पौधे लगाने का संकल्प

यह वृक्षारोपण समारोह श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा संचालित श्री अर्बुदा गो नन्दी तीर्थ, अर्बुदा गोशाला एवं भारत विकास परिषद्, सिरोही के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।

श्रीपतिधाम के संस्थापक परम पूज्य गोविंद बल्लभदास महाराज के सानिध्य में आयोजित इस समारोह में उपस्थित अतिथियों ने पहले गौपूजन किया और फिर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत और संबोधन

कार्यक्रम की शुरुआत गोपाल गोवर्धन गोशाला, नन्दगांव के अध्यक्ष भूराराम पुरोहित के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने सभी उपस्थित अतिथियों और गोभक्तों का हार्दिक स्वागत किया।

नारायण पुरोहित मण्डवारिया ने अपने संबोधन में स्व. दलपत पुरोहित के सेवा कार्यों को याद किया। उन्होंने कहा कि उनके सेवा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सपनों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

“उनके सेवा एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े सपनों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।”

इस अवसर पर पौधारोपण अभियान को आगे बढ़ाने और स्व. दलपतजी के सपने को साकार करने के लिए हर प्रकल्प में सहयोग जारी रखने का संकल्प लिया गया।

गौशाला की वित्तीय जानकारी

पथमेड़ा के कार्यकारी अध्यक्ष रघुनाथसिंह राजपुरोहित ने गौशाला की प्रस्तावना प्रस्तुत की। उन्होंने यहां संचालित हो रहे गोसेवा कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।

इसके साथ ही, उन्होंने गौशाला की आय और व्यय का पूरा ब्यौरा भी सभी के समक्ष प्रस्तुत किया, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।

संस्कृति और पर्यावरण का महत्व

सीमा जन कल्याण के संगठन मंत्री सरूपदान ने कहा कि भारत की संस्कृति ने समाज को जीवन मूल्य दिए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पर्यावरण जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि पूर्वजों से मिले संस्कारों को आगे बढ़ाना हम सभी का दायित्व है।

मंत्रियों और सांसद का संबोधन

जालोर-सिरोही सांसद लुम्बाराम चौधरी ने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण करना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं एक किसान हैं और किसानों के बीच जाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हैं।

खेजड़ी संरक्षण के लिए बनेगा कानून

प्रभारी मंत्री के.के. विश्नोई ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री का पर्यावरण के प्रति हमेशा से गहरा प्रेम रहा है।

उन्होंने एक महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए कहा कि राजस्थान ट्री एक्ट बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है और इसे कैबिनेट की मंजूरी भी मिल चुकी है।

“खेजड़ी सहित 29 पेड़-पौधों के संरक्षण के लिए बनेगा कानून” — प्रभारी मंत्री के.के. विश्नोई

उन्होंने बताया कि खेजड़ी सहित 29 पेड़-पौधों के संरक्षण के लिए कानून बनाने की दिशा में सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है।

मंत्री ने युवाओं में संस्कारों की आवश्यकता पर भी जोर दिया और कहा कि माता-पिता और युवाओं को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना होगा।

गौसेवा और पर्यावरण हमारी जिम्मेदारी: देवासी

राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि वृक्ष हैं तो हम हैं। उन्होंने गोपालन विभाग में अपने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए बताया कि गोसेवा के लिए अनुदान की व्यवस्था को मजबूत किया गया था।

“वृक्ष हैं तो हम हैं, गौसेवा और पर्यावरण संरक्षण हमारी जिम्मेदारी” — मंत्री ओटाराम देवासी

उन्होंने परम पूज्य गोविंद बल्लभदास महाराज एवं दत्तशरणानंद महाराज की प्रेरणा को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि उनके मार्गदर्शन से गौसेवा के क्षेत्र में अनेक कार्य आगे बढ़े हैं।

देवासी ने यह भी बताया कि गौसेवा के लिए करीब 1400 करोड़ रुपए की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही, आने वाले समय में अंग्रेजी बबूल को हटाने के लिए भी सरकार मंथन कर रही है।

शेड निर्माण के लिए 21 लाख की घोषणा

इसी कार्यक्रम में राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने अर्बुदा गौशाला में शेड निर्माण के लिए अपने विधायक कोष से 21 लाख रुपए देने की घोषणा की।

संतों का मार्गदर्शन

श्रीपतिधाम के संस्थापक परम पूज्य गोविंद बल्लभदास महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि जिस प्रकार वस्त्र और आभूषण मनुष्य की शोभा बढ़ाते हैं, उसी प्रकार पेड़-पौधे प्रकृति की शोभा बढ़ाते हैं।

उन्होंने कहा कि धरती माता का श्रृंगार करना हम सभी का कर्तव्य है। हरियाली बढ़ने से वातावरण अनुकूल रहता है।

महाराज ने प्रधानमंत्री के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए लोगों से अपनी मां के नाम पर एक पौधा लगाने का आह्वान किया।

स्व. दलपत मण्डवारिया को श्रद्धांजलि

जिला प्रमुख अर्जुन पुरोहित ने स्व. दलपत मण्डवारिया को श्रद्धापूर्वक याद करते हुए उनके सेवा कार्यों को नमन किया। समारोह में कमलेश माली, प्रकाश माली व प्रवीण माली का स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य

इस अवसर पर प्रभारी मंत्री के.के. विश्नोई, राज्यमंत्री ओटाराम देवासी, सांसद लुम्बारामजी चौधरी, जिला प्रमुख अर्जुन पुरोहित सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

इनमें सीमा जन कल्याण के संगठन मंत्री सरूपदानजी भाईसाहब, जिला महामंत्री गणपत सिंह, नारायण पुरोहित मण्डवारिया, पथमेड़ा के कार्यकारी अध्यक्ष रघुनाथसिंह शिवतलाव, गोपाल गोवर्धन गोशाला अध्यक्ष भूराराम पुरोहित, संचालन समिति अध्यक्ष रघुभाई माली, भरत सिंह बसंत, बार एसोसिएशन अध्यक्ष भंवर सिंह, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य वीरेंद्र सिंह चौहान, भारत विकास परिषद् सचिव मदन सिंह परमार, संयुक्त निदेशक पशुपालन डॉ. चंद्रमुनि, एसीआईडी चारण, भाजपा महिला नेत्री हेमलता पुरोहित एवं सीईओ कैलाश दान, अशोक पुरोहित आदर्श सहित सैकड़ों नागरिक, गोभक्त एवं समाजसेवी भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम का मंच संचालन संचालन समिति के महामंत्री नरेन्द्रपाल सिंह ने किया। समारोह के अंत में पौधारोपण अभियान को आगे बढ़ाने तथा स्व. दलपतजी की स्मृति को सेवा एवं पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर रखने का संकल्प लिया गया।

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