नई दिल्ली | सोशल मीडिया पर भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी को उनके पद से हटाए जाने की खबरें तेजी से वायरल हो रही हैं। इन दावों में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ मतभेदों का हवाला दिया गया है। केंद्र सरकार की फैक्ट-चेक इकाई PIB ने इन खबरों को पूरी तरह से फर्जी और निराधार करार दिया है। वर्तमान में जनरल द्विवेदी ही भारतीय सेना की कमान संभाल रहे हैं और उन्हें हटाने का कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।
सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी की अफवाहें: सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी को हटाने की खबर फर्जी, PIB का खुलासा
सोशल मीडिया पर जनरल उपेंद्र द्विवेदी को पद से हटाने के दावे झूठे निकले, PIB ने किया फैक्ट चेक।
HIGHLIGHTS
- सोशल मीडिया पर सेना प्रमुख को हटाए जाने की खबर पूरी तरह फर्जी है।
- PIB फैक्ट चेक ने रक्षा मंत्री के साथ मतभेदों के दावों को नकारा है।
- जनरल उपेंद्र द्विवेदी 30 जून 2024 से भारतीय थल सेना के प्रमुख हैं।
- वायरल पोस्ट में उप सेना प्रमुख धीरज सेठ को कमान देने की झूठी बात कही गई।
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सोशल मीडिया पर वायरल दावों की हकीकत
हाल ही में एक्स और अन्य प्लेटफॉर्म पर कुछ हैंडल्स ने एक भ्रामक सूचना साझा की। इसमें दावा किया गया कि रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख के बीच गंभीर मतभेद हो गए हैं। वायरल पोस्ट में यह भी कहा गया कि सरकार ने जनरल उपेंद्र द्विवेदी को हटाकर उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को कमान सौंप दी है। इस खबर ने रक्षा गलियारों और आम जनता के बीच काफी भ्रम पैदा कर दिया।
PIB ने किया दावों का खंडन
प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल स्पष्टीकरण जारी किया। PIB फैक्ट चेक ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर चल रही खबरें सरासर झूठ हैं और सरकार ने ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है।
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सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा दावा फेक, बेबुनियाद और लोगों को गुमराह करने वाला है। रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख के बीच किसी भी प्रकार के मतभेद की खबरें काल्पनिक हैं।
PIB ने जनता से अपील की है कि वे ऐसी अपुष्ट और भ्रामक जानकारियों पर विश्वास न करें। सेना जैसे संवेदनशील संस्थान से जुड़ी खबरों को साझा करने से पहले उनकी सत्यता की जांच अवश्य कर लेनी चाहिए।
जनरल उपेंद्र द्विवेदी का शानदार करियर
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 30 जून 2024 को भारतीय सेना के 30वें थल सेनाध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला था। उनका जन्म 1 जुलाई 1964 को मध्य प्रदेश में हुआ था और उन्होंने रीवा सैनिक स्कूल से शिक्षा प्राप्त की है। वे वर्ष 1984 में जम्मू-कश्मीर राइफल्स रेजिमेंट में कमीशंड हुए थे। अपने 40 साल के लंबे और गौरवशाली करियर में उन्होंने देश की उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर कई चुनौतीपूर्ण मिशनों का नेतृत्व किया है।
रणनीतिक विशेषज्ञता और अनुभव
सेना प्रमुख बनने से पहले जनरल द्विवेदी उप सेना प्रमुख और उत्तरी कमान के जीओसी-इन-सी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। उन्हें चीन और पाकिस्तान की सीमाओं से जुड़े रणनीतिक और परिचालन मामलों का गहरा अनुभव है। वे सेना के आधुनिकीकरण और 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के प्रबल समर्थक रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारतीय सेना नई तकनीक और ड्रोन युद्ध कौशल में निपुण हो रही है। निष्कर्षतः, जनरल उपेंद्र द्विवेदी के खिलाफ फैलाई जा रही अफवाहें केवल डिजिटल प्रोपेगेंडा का हिस्सा हैं। भारतीय सेना पूरी तरह एकजुट है और अपने नेतृत्व में देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
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