जोधपुर | राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम बापू को बड़ी राहत देते हुए उनकी अंतरिम जमानत की अवधि 25 मई तक बढ़ा दी है। कोर्ट ने यह फैसला आसाराम की खराब सेहत और जारी इलाज को देखते हुए लिया है।
मेडिकल ग्राउंड पर मिली बड़ी राहत
आसाराम की अंतरिम जमानत 6 मई को खत्म हो रही थी, जिससे पहले उन्होंने कोर्ट में याचिका दायर की थी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और जस्टिस संगीता शर्मा की बेंच ने इस पर सुनवाई की।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने माना कि आसाराम का इलाज अभी पूरा नहीं हुआ है। इसी आधार पर उनकी जमानत अवधि को 25 मई तक बढ़ाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
इलाज के लिए समय की मांग
आसाराम के वकील यशपाल राजपुरोहित ने कोर्ट को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हाईकोर्ट में अपील पर सुनवाई पूरी हो चुकी है। फिलहाल फैसला सुरक्षित रखा गया है।
आसाराम का इलाज अभी अस्पताल में जारी है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए इलाज पूरा होने तक जमानत की अवधि बढ़ाना आवश्यक है।
वकील की इन दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने मानवीय आधार पर राहत दी। इससे पहले उन्हें पिछले साल 29 अक्टूबर को 6 महीने की लंबी जमानत मिली थी।
12 साल बाद मिली थी पहली राहत
आसाराम नाबालिग से रेप के मामले में जोधपुर जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। अप्रैल 2018 में उन्हें दोषी ठहराया गया था, जिसके बाद से वे सलाखों के पीछे थे।
करीब 12 साल की कैद के बाद, पहली बार 7 जनवरी 2025 को उन्हें मेडिकल कारणों से जमानत मिली थी। इसके बाद से वे लगातार इलाज के लिए बाहर हैं और स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।
अब 25 मई तक की मोहलत मिलने से आसाराम को अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देने का अतिरिक्त समय मिल गया है। कोर्ट के इस फैसले का उनके अनुयायियों पर गहरा असर पड़ेगा।
इस कानूनी प्रक्रिया के बीच आसाराम के स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। 25 मई को होने वाली अगली सुनवाई पर अब सबकी नजरें टिकी रहेंगी।
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