जयपुर | राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने देर रात मीडिया से बातचीत में भजनलाल सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस में किसी भी तरह की गुटबाजी से इनकार करते हुए कहा कि भाजपा सरकार पंचायत चुनाव कराने में देरी कर रही है और यह सरकार बर्खास्त करने लायक है।
कांग्रेस एकजुट, भाजपा पर साधा निशाना
अशोक गहलोत ने कांग्रेस की एकजुटता पर बार-बार उठ रहे सवालों को खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, "कांग्रेस एकजुट है। राजस्थान में कोई गुटबाजी नहीं है, देश में कोई गुटबाजी नहीं है। अगर किसी को ये कन्फ्यूजन है तो उसे हट जाना चाहिए।"
उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस कभी भी भाजपा के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी नहीं करती। गहलोत ने कहा, "क्या हमने कहा कि राज्यसभा के चुनाव में राजेंद्र राठौड़ को टिकट क्यों नहीं दिया गया? भाजपा के बारे में कहने को तो बहुत बातें हो सकती हैं।"
'बर्खास्त करने लायक है सरकार'
पंचायती राज और स्थानीय निकाय चुनावों में हो रही देरी पर गहलोत ने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सरकार हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद चुनाव नहीं करा रही है, जो कानून की धज्जियां उड़ाने जैसा है।
यह तो बर्खास्त करने लायक सरकार है। गवर्नर को इस बारे में राष्ट्रपति को रिपोर्ट देनी चाहिए। आखिर क्यों चुनाव नहीं करवा रहे हैं?
उन्होंने अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि 1998 में कर्मचारियों की हड़ताल के बावजूद हाई कोर्ट के आदेश पर समय पर चुनाव कराए गए थे।
मुख्यमंत्री और मंत्रियों पर तीखी टिप्पणी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए गहलोत ने कहा कि उन्हें गंभीरता से नहीं लेना चाहिए, क्योंकि उनकी ही पार्टी के लोग उनके बारे में बातें कर रहे हैं। उन्होंने सरकार के मंत्रियों के व्यवहार पर भी सवाल उठाए।
गहलोत ने कहा, "मंत्री कोई थानों में गाली गलौज कर रहा है तो कोई कलेक्टर को धमका रहा है।"
एसीबी पर उठाए सवाल
उन्होंने मंत्री किरोड़ीलाल मीणा के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने एसीबी पर दबाव में काम करने का आरोप लगाया था। गहलोत ने सवाल किया, "एसीबी तो मुख्यमंत्री के पास है तो आप किस पर आरोप लगा रहे हैं?"
पूर्व सीएम ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को मीडिया का सामना करने और सवालों के जवाब देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इससे सरकार को ही फायदा होगा और जमीनी हकीकत का पता चलेगा। गहलोत के इन बयानों ने प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है।
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