जयपुर | राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने केंद्र की भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने भाजपा नेताओं के हालिया बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई है। गहलोत ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा 'ऑपरेशन सिन्दूर' को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ये लोग राजनीति को मज़ाक बना रहे हैं। उन्होंने भाजपा की कार्यशैली की तुलना पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से की।
ट्रंप जैसी भाषा का इस्तेमाल
गहलोत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि "ये ट्रंप की तरह मज़ाक बना रहे हैं। ट्रंप अमेरिका में मज़ाक बना रहा है और ये लोग यहाँ बना रहे हैं। आखिर ऐसी भाषा का क्या तुक है?" उन्होंने आगे कहा कि "होने वाला है, होगा, अभी जारी है—यह कैसी भाषा है? ट्रंप साहब भी यही बोलते हैं कि मोदी जी मेरे दोस्त हैं और मैं उनका करियर खत्म कर सकता हूँ। क्या एक राष्ट्रपति की ऐसी भाषा होनी चाहिए?"
लोकतंत्र के भविष्य की चिंता
पूर्व मुख्यमंत्री ने देश में लोकतंत्र की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया देख रही है कि भारत में क्या हो रहा है। अगर लोकतंत्र ही नहीं बचेगा, तो आने वाली पीढ़ियों का क्या होगा? यह हम सबके लिए चिंता का विषय है। गहलोत ने कांग्रेस के इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि लोकतंत्र में सरकारें बदलती रहती हैं। इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह के समय चुनाव हारने पर हमने तुरंत और सम्मानजनक तरीके से सत्ता सौंपी थी।
हिंदुत्व और जनता को गुमराह करने का आरोप
भाजपा पर ध्रुवीकरण का आरोप लगाते हुए गहलोत ने कहा कि चुनाव आते ही ये लोग 'हिंदू खतरे में है' का नारा बुलंद करने लगते हैं। उन्होंने जनता से इस नैरेटिव को समझने की अपील की है। उन्होंने सवाल उठाया, "ढाई सौ साल अंग्रेजों का राज था और पांच सौ साल मुगलों का। तब हिंदू खतरे में नहीं था। अब जब देश में हिंदुओं का अपना शासन है, तब हिंदू खतरे में कैसे आ गया? यह सोचने वाली बात है।"
- भाजपा की मंशा में भारी खोट है।
- वे जनता की भावनाओं की परवाह नहीं कर रहे हैं।
- जनता को गुमराह कर वोट हासिल किए जा रहे हैं।
- देश की संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाया जा रहा है।
गहलोत ने अंत में कहा कि वर्तमान सरकार खतरनाक इरादों के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि देश की जनता जल्द ही इन बातों को समझेगी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए जागरूक होगी।