कोलकाता | इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में राजस्थान रॉयल्स (RR) की लगातार दूसरी हार ने टीम प्रबंधन की चिंताएं बढ़ा दी हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ मिली रोमांचक हार के बाद कप्तान रियान पराग के एक रणनीतिक फैसले ने क्रिकेट जगत में हलचल पैदा कर दी है।
मैच का रोमांचक मोड़
ईडन गार्डन्स में 156 रनों का छोटा लक्ष्य बचाने उतरी राजस्थान ने शुरुआत में मैच पर पकड़ बना ली थी। कोलकाता की टीम एक समय 81 रनों पर अपने 6 विकेट गंवा चुकी थी। इस दौरान रवींद्र जडेजा अपनी फिरकी का जादू चला रहे थे। उन्होंने अपने 3 ओवरों में मात्र 8 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए थे।
पराग की कप्तानी पर सवाल
मैच के निर्णायक मोड़ पर रियान पराग ने जडेजा को उनका अंतिम ओवर नहीं दिया। उस वक्त क्रीज पर रिंकू सिंह और अनुकूल रॉय जैसे बाएं हाथ के बल्लेबाज मौजूद थे। पराग ने 'मैचअप' के आंकड़ों को तवज्जो देते हुए जडेजा के बजाय खुद गेंदबाजी की और डेथ ओवर्स में बृजेश शर्मा का इस्तेमाल किया।
अश्विन का फूटा गुस्सा
दिग्गज खिलाड़ी रविचंद्रन अश्विन इस फैसले से बेहद खफा नजर आए। उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि आपके पास जडेजा जैसा विश्व स्तरीय गेंदबाज था, जिसने शानदार स्पेल डाला था। लेकिन आपने ऑफ-स्पिनर होने के नाते खुद पर अधिक भरोसा दिखाया, जो गलत साबित हुआ।अश्विन ने आगे कहा कि अगर जडेजा छक्के भी खा लेते, तो भी उन्हें ओवर देना चाहिए था। उन्हें गेंदबाजी से हटाना यह दर्शाता है कि कप्तान को अपनी बॉलिंग यूनिट की क्षमताओं पर भरोसा नहीं है। अश्विन ने याद दिलाया कि रिंकू सिंह जडेजा की गेंदों पर संघर्ष कर रहे थे।
राजस्थान को भारी पड़ी चूक
इस हार ने न केवल राजस्थान के विजयी रथ को रोका है, बल्कि टीम के भीतर आत्मविश्वास पर भी सवाल उठाए हैं। अगर जडेजा वो ओवर फेंकते और रिंकू का विकेट लेते, तो वह 'मैन ऑफ द मैच' के प्रबल दावेदार होते। अब राजस्थान को अपनी आगामी रणनीति पर गंभीरता से विचार करना होगा।