नई दिल्ली | गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही लोग पहाड़ों की ओर रुख कर लेते हैं। लेकिन कुछ लोकप्रिय हिल स्टेशनों पर पर्यटकों की इतनी भीड़ हो जाती है कि छुट्टियों का मजा किरकिरा हो सकता है। भारी भीड़, लंबे ट्रैफिक जाम और पार्किंग की समस्या इन जगहों पर आम हो गई है, जिससे स्थानीय लोगों को भी परेशानी होती है।
इन 5 हिल स्टेशनों पर जाने से बचें
अगर आप इस गर्मी में पहाड़ों पर एक शांतिपूर्ण छुट्टी की योजना बना रहे हैं, तो आपको कुछ प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों से बचना चाहिए। यहां उन पांच जगहों की सूची दी गई है जहां ओवरटूरिज्म एक बड़ी समस्या बन गई है।
1. मनाली, हिमाचल प्रदेश
ब्यास नदी के किनारे बसा मनाली अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। हालांकि, गर्मियों में, खासकर वीकेंड पर, यहां पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती है।
दिल्ली-चंडीगढ़ से निकटता के कारण यहां 10-15 किलोमीटर लंबे जाम लग जाते हैं, जिससे कुछ घंटों का सफर 10 घंटे तक का हो जाता है।
2. शिमला, हिमाचल प्रदेश
'पहाड़ों की रानी' के नाम से मशहूर शिमला मनाली के बाद दूसरा सबसे भीड़भाड़ वाला हिल स्टेशन है। यहां की पुरानी और संकरी सड़कें आज की भारी गाड़ियों का बोझ नहीं उठा पातीं, जिससे अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है।
3. नैनीताल, उत्तराखंड
उत्तराखंड का नैनीताल भी गर्मियों में पर्यटकों से खचाखच भरा रहता है। यहां पार्किंग की जगह बहुत कम है, और गाड़ियों की बढ़ती संख्या के कारण लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं।
एक ट्रैवल एक्सपर्ट का कहना है, "पीक सीजन में लोकप्रिय जगहों पर जाने के बजाय, आस-पास की शांत और ऑफबीट जगहों को एक्सप्लोर करना एक बेहतर अनुभव प्रदान कर सकता है।"
4. मसूरी, उत्तराखंड
देहरादून जिले में स्थित मसूरी दिल्ली-एनसीआर के करीब होने के कारण वीकेंड पर बहुत भीड़भाड़ वाला हो जाता है। यहां एक घंटे का रास्ता तय करने में तीन घंटे लग सकते हैं और पार्किंग मिलना लगभग असंभव होता है।
5. दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल की 'क्वीन ऑफ द हिल्स' दार्जिलिंग भी ओवरटूरिज्म से जूझ रही है। चाय के बागानों और कंचनजंगा के नजारों के लिए मशहूर इस जगह की शांति भारी भीड़ के कारण भंग हो जाती है।
इसलिए, यदि आप वास्तव में अपनी छुट्टियों का आनंद लेना चाहते हैं, तो इन प्रसिद्ध स्थानों के बजाय किसी कम भीड़ वाली या ऑफबीट जगह पर जाने की योजना बनाना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है। इससे न केवल आपका समय बचेगा, बल्कि आप प्रकृति का बेहतर अनुभव भी कर पाएंगे।
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