राजस्थान

बाड़मेर: गेमिंग विवाद में व्यापारी पर हमला: बाड़मेर में ऑनलाइन गेमिंग विवाद: व्यापारी के पैर तोड़े

desk · 20 मई 2026, 07:16 शाम
बाड़मेर में ऑनलाइन गेमिंग के पैसे के लेनदेन को लेकर व्यापारी पर हॉकी और पाइप से हमला, दोनों पैर टूटे।

बाड़मेर | राजस्थान के बाड़मेर जिले में ऑनलाइन गेमिंग के लेनदेन को लेकर उपजा विवाद एक व्यापारी के लिए जानलेवा साबित हुआ। बदमाशों ने दिनदहाड़े व्यापारी पर हमला कर उसके दोनों पैर तोड़ दिए।

दिनदहाड़े वारदात से शहर में दहशत

यह घटना बाड़मेर के व्यस्ततम विश्वकर्मा सर्किल की है। बुधवार सुबह करीब 11 बजे व्यापारी प्रवीण अग्रवाल अपने काम से वहां पहुंचे थे।

प्रवीण अग्रवाल (42) माहेश्वरी भवन के पास रहते हैं। जैसे ही वह अपनी बाइक से उतरे, घात लगाए बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया।

हमलावरों की संख्या दो बताई जा रही है। उन्होंने अपने पास छिपाई हुई हॉकी और लोहे के पाइप निकाल लिए और ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए।

हॉकी और सरियों से किया हमला

बदमाशों ने प्रवीण को संभलने का मौका तक नहीं दिया। उन्होंने प्रवीण के पैरों को निशाना बनाते हुए उन पर कई प्रहार किए।

इस हमले में प्रवीण के दोनों पैर गंभीर रूप से जख्मी हो गए। उनके हाथ का अंगूठा भी इस हमले में टूट गया है।

हमले के दौरान प्रवीण जान बचाने के लिए चिल्लाते रहे। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के दुकानदार और राहगीर मौके पर जमा होने लगे।

भीड़ को अपनी ओर आता देख बदमाश वहां से भाग खड़े हुए। लहूलुहान हालत में प्रवीण को तुरंत बाड़मेर के जिला अस्पताल ले जाया गया।

ऑनलाइन गेमिंग और पैसों का विवाद

इस पूरी घटना के पीछे ऑनलाइन गेमिंग के पैसे के लेनदेन की बात सामने आ रही है। पीड़ित के परिजनों ने इस संबंध में अहम जानकारी दी है।

प्रवीण के चचेरे भाई मुकेश कुमार बंसल ने बताया कि कुछ लोग पिछले काफी समय से प्रवीण से पैसों की मांग कर रहे थे।

प्रवीण का कहना था कि वह पैसे उसके नहीं थे और न ही उसने किसी को भुगतान का वादा किया था। मामला किसी तीसरे व्यक्ति के रेफरेंस से जुड़ा है।

मुकेश के अनुसार, ऑनलाइन गेमिंग के एक मामले में प्रवीण ने किसी का रेफरेंस दिया था। इसी बात को लेकर बदमाश उस पर दबाव बना रहे थे।

चार दिनों से की जा रही थी रेकी

परिजनों का आरोप है कि ये बदमाश पिछले चार दिनों से प्रवीण का पीछा कर रहे थे। वे सही मौके की तलाश में थे।

बुधवार सुबह जब प्रवीण विश्वकर्मा सर्किल पर अकेले थे, तब बदमाशों ने इस योजना को अंजाम दिया। यह हमला पूरी तरह सुनियोजित प्रतीत होता है।

अस्पताल में भर्ती प्रवीण की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन वह गहरे सदमे में हैं। डॉक्टरों ने उनके पैरों में चार फ्रैक्चर बताए हैं।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस सक्रिय हो गई। एएसआई सांवलाराम अपनी टीम के साथ अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंचे।

पुलिस ने पीड़ित प्रवीण अग्रवाल के बयान दर्ज किए हैं। प्रवीण ने पुलिस को दो हमलावरों के नाम भी बताए हैं, जो पहले से ही उसे धमका रहे थे।

पुलिस की अलग-अलग टीमें अब आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि बदमाशों का सुराग मिल सके।

व्यापारी वर्ग में भारी आक्रोश

कृषि मंडी में अनाज का व्यापार करने वाले प्रवीण पर हुए इस हमले से व्यापारी वर्ग में भारी रोष व्याप्त है। व्यापारियों ने सुरक्षा की मांग की है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के बीचों-बीच इस तरह की वारदात होना कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाती है। पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की जा रही है।

ऑनलाइन गेमिंग के बढ़ते जाल ने युवाओं और व्यापारियों को अपनी चपेट में ले लिया है। इस तरह के विवाद अब हिंसक रूप लेने लगे हैं।

डॉक्टरों ने दी स्वास्थ्य की जानकारी

जिला अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, प्रवीण के दोनों पैरों में हड्डी टूटने की वजह से उन्हें लंबे समय तक बेड रेस्ट की जरूरत होगी।

अस्पताल में भर्ती होने के वक्त प्रवीण बेहोशी की हालत में थे। उनके हाथ के अंगूठे में भी गंभीर चोट आई है, जिसका ऑपरेशन किया जा सकता है।

परिजनों ने मांग की है कि हमलावरों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि अपराधी जल्द सलाखों के पीछे होंगे।

ऑनलाइन गेमिंग का बढ़ता खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के कारण समाज में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं। लोग कर्ज और लेनदेन के जाल में फंस रहे हैं।

बाड़मेर की यह घटना इसी खतरे का एक बड़ा उदाहरण है। जहां मामूली लेनदेन के विवाद में एक व्यक्ति को अपाहिज बनाने की कोशिश की गई।

प्रवीण ने किसी का रेफरेंस दिया था, जिसके कारण बदमाश उसे परेशान कर रहे थे। उन्होंने पहले पीछा किया और फिर मौका पाकर जानलेवा हमला कर दिया।

निष्कर्ष

बाड़मेर में हुई यह वारदात ऑनलाइन गेमिंग के काले कारोबार और उसके खतरनाक परिणामों को उजागर करती है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ही व्यापारियों में विश्वास बहाल कर सकती है।

समाज को भी ऑनलाइन गेमिंग जैसी बुराइयों से दूर रहने की जरूरत है। फिलहाल, पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं और जल्द खुलासे की उम्मीद है।

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