कोलकाता | पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर से बड़ा धमाका होने के संकेत मिल रहे हैं। बीजेपी सांसद सौमित्र खान ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बड़ी सेंधमारी का दावा कर प्रदेश की सियासत में भारी हलचल मचा दी है।
बीजेपी सांसद सौमित्र खान का कहना है कि ममता बनर्जी की पार्टी के करीब 50 विधायक और 20 सांसद पार्टी छोड़ने की तैयारी में हैं। ये सभी नेता लगातार बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व के संपर्क में बने हुए हैं।
ममता बनर्जी की पार्टी में बड़ी टूट की आशंका
सौमित्र खान ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि यदि बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से हरी झंडी मिल जाती है, तो टीएमसी का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा। हर कोई अब भाजपा में आना चाहता है।
यह दावा ऐसे समय में आया है जब बंगाल में लोकसभा चुनावों के बाद से ही टीएमसी के अंदरूनी कलह की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। पार्टी के कई जमीनी नेता वर्तमान नेतृत्व से नाराज बताए जा रहे हैं।
बीजेपी नेता का मानना है कि टीएमसी के भीतर असंतोष का ग्राफ दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। विधायक और सांसद अपनी ही सरकार की कार्यशैली से खुश नहीं हैं और सुरक्षित भविष्य की तलाश कर रहे हैं।
पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ दिनों से नगर निगमों और पंचायतों के स्तर पर भी बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। कई पार्षदों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा देकर पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।
काकोली घोष के इस्तीफे ने बढ़ाई टेंशन
सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने हाल ही में जिलाध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस कदम ने बंगाल की राजनीति में अटकलों के बाजार को और अधिक गर्म कर दिया है।
माना जा रहा है कि काकोली घोष जल्द ही सांसदी से भी इस्तीफा दे सकती हैं। मंगलवार को उन्होंने 6 अन्य विधायकों के साथ सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक में हिस्सा लिया था।
ममता बनर्जी ने हाल ही में अपने नेताओं से भावुक अपील की थी कि वे पार्टी न छोड़ें। हालांकि, स्थानीय नेताओं के लगातार हो रहे इस्तीफों ने पार्टी की पकड़ कमजोर होने के स्पष्ट संकेत दिए हैं।
अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला
सौमित्र खान ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने अभिषेक को 'पापी' करार देते हुए कहा कि पापियों को जेल जाना ही पड़ेगा। उन्होंने बंगाल हिंसा का भी जिक्र किया।
पापियों को जेल जाना ही पड़ेगा। आज उनके घर के सामने बुलडोजर खड़ा है। 2021 में उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं के घर तुड़वाए थे, अब कुदरत का इंसाफ उनके सामने खड़ा है।
बीजेपी सांसद ने साफ कहा कि भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई अब और तेज होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी ने लोकतंत्र का गला घोंटा है और जनता अब उन्हें सबक सिखाएगी।
2024 के चुनाव परिणाम और सियासी समीकरण
बता दें कि 2024 के लोकसभा चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी ने 29 सीटों पर जीत हासिल की थी। वहीं बीजेपी को 12 सीटें मिली थीं और कांग्रेस के खाते में महज एक सीट आई थी।
चुनावों के बाद से ही बंगाल में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। बीजेपी अब इन नाराज नेताओं के जरिए 2026 के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए मजबूत जमीन तैयार करने में जुट गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर सौमित्र खान का दावा सच साबित होता है, तो बंगाल की सत्ता में बड़ा बदलाव हो सकता है। बीजेपी की नजर अब टीएमसी के असंतुष्ट धड़े पर टिकी है।
फिलहाल, टीएमसी की ओर से इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन पार्टी के भीतर बढ़ती गुटबाजी ममता बनर्जी के लिए आने वाले समय में एक बड़ी राजनीतिक चुनौती बन सकती है।
कुल मिलाकर, बंगाल की राजनीति अब एक नए और दिलचस्प मोड़ पर खड़ी है। जहां एक तरफ ममता अपनी जमीन बचाने की कोशिश कर रही हैं, वहीं बीजेपी सेंधमारी के जरिए सत्ता हासिल करना चाहती है।
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