नई दिल्ली | राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इन दिनों अत्यंत व्यस्त और महत्वपूर्ण प्रशासनिक व राजनीतिक दौरों पर हैं। गुरुवार को उन्होंने नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात केवल औपचारिकता नहीं थी, बल्कि राजस्थान के सूखे क्षेत्रों को राहत पहुँचाने के लिए एक बड़ी प्रशासनिक कवायद थी। इस दौरान प्रदेश की जल समस्याओं पर गहन मंथन किया गया।
राम जल सेतु: राजस्थान की नई जीवनरेखा
बैठक का मुख्य केंद्र 'राम जल सेतु लिंक परियोजना' रही। मुख्यमंत्री ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की और केंद्रीय मंत्री से इसे गति देने का विशेष आग्रह किया। इस परियोजना का लक्ष्य पूर्वी राजस्थान और अन्य जल संकट वाले क्षेत्रों को जोड़कर पेयजल और सिंचाई की समस्या का स्थायी समाधान करना है। इससे लाखों किसानों को लाभ होगा।
जल जीवन मिशन और नवाचार
बैठक में 'जल जीवन मिशन' के तहत 'हर घर जल' के लक्ष्य को समय सीमा में पूरा करने पर सहमति बनी। सीएम ने स्पष्ट किया कि सरकार हर ग्रामीण परिवार तक शुद्ध पेयजल पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार जल संचयन के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रही है। केंद्र से तकनीकी और वित्तीय सहयोग मिलने से इन परियोजनाओं में तेजी आने की उम्मीद है।
सिलीगुड़ी में चुनावी शंखनाद
दिल्ली के बाद मुख्यमंत्री पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी पहुंचे हैं। भाजपा के 'स्टार प्रचारक' के रूप में वे वहां एक विशाल रोड शो के माध्यम से चुनावी बिगुल फूंकेंगे। सिलीगुड़ी में सीएम मारवाड़ी समाज और टी ट्रेडर्स एसोसिएशन के साथ संवाद करेंगे। इसके बाद वे कोलकाता में लघु उद्योग भारती के कार्यक्रम और 'चाय पर चर्चा' में भाग लेंगे।
प्रवासी राजस्थानियों से संवाद
शनिवार को सीएम कालीघाट मंदिर में पूजा करेंगे और कोलकाता के कला मंदिर में प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन को संबोधित करेंगे। वे वहां रहने वाले राजस्थानियों को प्रदेश के विकास से जोड़ेंगे। दक्षिणेश्वर काली मंदिर में दर्शन के बाद वे विभिन्न जनसभाओं को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा उनके बढ़ते राष्ट्रीय कद और प्रशासनिक सक्रियता का परिचायक है।