भरतपुर | डीग-कुम्हेर के पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह के ताजा सियासी बयान ने स्थानीय राजनीति में भारी हलचल पैदा कर दी है।
उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए भरतपुर जिला परिषद चुनाव और जिला प्रमुख पद की दावेदारी को लेकर भाजपा पर तीखा हमला बोला है।
सोशल मीडिया पर लगाया गंभीर आरोप
पूर्व मंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि जिला परिषद चुनाव में पैसे के नशे में चूर कुछ बाहरी लोग भाजपा का टिकट लेकर जिला प्रमुख बनने का ख्वाब देख रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों ने हाल ही में वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाया है, जो नियमों के विरुद्ध और लोकतंत्र के साथ सरासर धोखा है।
भरतपुर के जिला प्रमुख का फैसला सिर्फ भरतपुर की जनता करेगी, कोई बाहरी पैसों के दम पर नहीं।
प्रशासन से की निष्पक्ष जांच की मांग
विश्वेंद्र सिंह ने दावा किया कि ऐसे फर्जी बाहरी लोगों का जल्द ही सबूतों के साथ पूरा खुलासा किया जाएगा।
उन्होंने राजस्थान सरकार और जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि ऐसे फर्जी मतदाताओं की तत्काल जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए।
- बाहरी लोगों ने तत्काल वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाया।
- जनता के हक पर डाका डालने वालों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- पूरे मामले पर सबूतों के साथ जल्द खुलासा करने का दावा।
सीटों का गणित और चुनावी समीकरण
भरतपुर जिला परिषद में कुल 31 और डीग जिले में 29 वार्ड शामिल हैं। भरतपुर जिला प्रमुख की सीट एससी महिला वर्ग के लिए आरक्षित है।
वहीं डीग जिला प्रमुख की सीट सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित रखी गई है। दोनों ही क्षेत्रों में नेता अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।
प्रत्याशियों की दावेदारी पर चर्चा
भरतपुर में बयाना-वैर के छह वार्डों और डीग जिले में कुम्हेर-डीग एरिया के वार्डों से भाजपा प्रत्याशी दावेदारी कर रहे हैं।
एक दावेदार कुम्हेर निवासी हैं जिनकी पुत्री बयाना क्षेत्र से चुनाव लड़ रही हैं, जबकि कुछ प्रत्याशी बाहर कारोबार करते हैं और चुनाव के समय ही नजर आए हैं।
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