बाड़मेर | राजस्थान के सीमावर्ती जिले बाड़मेर में सियासी पारा इन दिनों सातवें आसमान पर है। विधायक रविंद्र सिंह भाटी और प्रख्यात भजन गायक छोटू सिंह रावणा के बीच शुरू हुआ विवाद अब थमता नजर नहीं आ रहा है।
यह विवाद अब सोशल मीडिया के डिजिटल प्लेटफॉर्म से निकलकर सीधे पुलिस मुख्यालय की दहलीज तक पहुंच गया है। इस विवाद ने अब न केवल राजनीतिक बल्कि जातीय रंग भी लेना शुरू कर दिया है।
हाल ही में भजन गायक छोटू सिंह रावणा ने बाड़मेर पुलिस अधीक्षक (SP) के कार्यालय पहुंचकर सुरक्षा की गुहार लगाई। उन्होंने सीधे तौर पर विधायक रविंद्र सिंह भाटी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
एसपी कार्यालय में मची गहमागहमी
छोटू सिंह रावणा जब बाड़मेर एसपी ऑफिस पहुंचे, तो उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी मौजूद थे। उन्होंने प्रशासन को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर अपनी चिंताओं से अवगत कराया।
मीडिया से मुखातिब होते हुए रावणा ने कहा कि उन्हें अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता सता रही है। उन्होंने विधायक पर तीखे प्रहार करते हुए उनकी सोच को 'खतरनाक' बताया।
रावणा ने कहा, 'अगर किसी जनप्रतिनिधि की सोच ही डराने और धमकाने वाली होगी, तो उनके समर्थकों का व्यवहार कैसा होगा, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।'
'डराने वाली सोच' पर कड़ा प्रहार
छोटू सिंह ने आरोप लगाया कि विधायक के समर्थक सोशल मीडिया पर लगातार उन्हें निशाना बना रहे हैं। उन्होंने इसे एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा बताया है।
उनका कहना है कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी सबको है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि किसी को डराया जाए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि उन्हें उचित पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए।
छोटू सिंह ने स्पष्ट किया कि अब तक इस मामले में उनकी सरकार के किसी बड़े मंत्री या मुख्यमंत्री से कोई सीधी बात नहीं हुई है, लेकिन वे कानून पर भरोसा रखते हैं।
रावणा राजपूत समाज का अल्टीमेटम
इस विवाद के बीच रावणा राजपूत समाज पूरी तरह से छोटू सिंह के समर्थन में उतर आया है। समाज के प्रतिनिधियों ने बाड़मेर में एकजुट होकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया।
समाज के नेताओं ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनके समाज के किसी व्यक्ति को डराया गया, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने विधायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रतिनिधिमंडल ने एसपी को सौंपे ज्ञापन में कहा कि एक कलाकार का अपमान पूरे समाज का अपमान है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन छेड़ा जाएगा।
शिव विधानसभा की बदहाली का मुद्दा
विवाद के दौरान छोटू सिंह रावणा ने रविंद्र सिंह भाटी के निर्वाचन क्षेत्र 'शिव' की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने विधायक पर विकास की अनदेखी का आरोप लगाया।
रावणा ने कहा कि शिव की जनता ने उन्हें बड़े भरोसे के साथ चुना था, लेकिन आज वहां की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है। उन्होंने क्षेत्र की बदहाली पर तंज कसा।
उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक का ध्यान केवल अपनी छवि चमकाने और विरोधियों को दबाने में है, जबकि क्षेत्र के विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़े हुए हैं।
1 अप्रैल को दर्ज होगी एफआईआर
छोटू सिंह रावणा ने अपने अगले कदम का भी खुलासा कर दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि वे 1 अप्रैल को शिव थाने में जाकर विधायक के खिलाफ औपचारिक मामला दर्ज कराएंगे।
उनका कहना है कि वे इस लड़ाई को कानूनी अंजाम तक लेकर जाएंगे। उन्होंने समर्थकों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और कानून की प्रक्रिया में विश्वास रखें।
यह देखना दिलचस्प होगा कि पुलिस इस मामले में क्या रुख अपनाती है। विधायक रविंद्र सिंह भाटी की ओर से भी इस मामले पर प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है।
बढ़ता राजनीतिक तनाव और समीकरण
बाड़मेर और जैसलमेर की राजनीति में रविंद्र सिंह भाटी एक बड़ा चेहरा बनकर उभरे हैं। उनके पास युवाओं की एक बड़ी फौज है जो सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय रहती है।
वहीं दूसरी ओर, छोटू सिंह रावणा की अपनी एक बड़ी फैन फॉलोइंग है। दोनों के बीच के इस टकराव ने क्षेत्र के सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को उलझा दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले समय में बाड़मेर की राजनीति को एक नई दिशा दे सकता है। जातीय लामबंदी चुनाव परिणामों को भी प्रभावित कर सकती है।
प्रशासन की भूमिका पर नजर
बाड़मेर पुलिस के लिए यह मामला एक बड़ी चुनौती बन गया है। एक तरफ एक लोकप्रिय विधायक हैं और दूसरी तरफ एक प्रतिष्ठित कलाकार। पुलिस को निष्पक्षता बनाए रखनी होगी।
एसपी ने हालांकि सुरक्षा का भरोसा दिया है, लेकिन धरातल पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है।
सोशल मीडिया पर चल रही 'वॉर' को रोकने के लिए भी साइबर सेल को सक्रिय कर दिया गया है। भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर भी निगरानी रखी जा रही है।
निष्कर्ष और भविष्य की राह
भाटी बनाम रावणा का यह विवाद केवल दो व्यक्तियों की लड़ाई नहीं रह गया है। यह अब विचारधाराओं और वर्चस्व की जंग में तब्दील होता जा रहा है।
अगले कुछ दिन बाड़मेर की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं। क्या दोनों पक्ष बातचीत से मसला सुलझाएंगे या यह विवाद और उग्र रूप लेगा, यह भविष्य के गर्भ में है।
फिलहाल, छोटू सिंह रावणा के कड़े तेवरों ने विधायक खेमे में हलचल मचा दी है। जनता भी इस पूरे घटनाक्रम को बड़ी बारीकी से देख रही है।