भीलवाड़ा | राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली एक अमानवीय घटना सामने आई है, जहां नशे के खिलाफ बोलना एक युवक को भारी पड़ा।
यहां एक युवक को नशा न करने की सलाह देने पर अपहरण कर लिया गया और उसे निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा गया।
पीड़ित युवक जयपुर का रहने वाला है और वहां ई-रिक्शा चलाकर अपना गुजारा करता है, जिसे साजिश के तहत भीलवाड़ा बुलाया गया था।
बताया जा रहा है कि पीड़ित ने समाज में बढ़ती नशाखोरी के खिलाफ आवाज उठाई थी, जो कुछ लोगों को पसंद नहीं आई।
आरोपियों ने युवक को आसींद इलाके में एक धार्मिक कार्यक्रम का झांसा देकर बुलाया और फिर उसे जंगल में ले जाकर बंधक बना लिया।
वहां आरोपियों ने युवक को पेड़ से बांध दिया और उसके कपड़े उतारकर उसे लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।
क्रूरता और अमानवीय व्यवहार की हदें
दरिंदगी की हद तो तब पार हो गई जब आरोपियों ने युवक के प्राइवेट पार्ट पर मिर्च डाल दी और उसे तड़पाया।
पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने उसे जबरन पेशाब पिलाने की कोशिश की और चाकू की नोंक पर उससे झूठे बयान दिलवाए।
आरोपियों ने इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया ताकि वे युवक को समाज में बदनाम कर सकें और उसे डरा सकें।
पीड़ित ने पुलिस को आपबीती सुनाते हुए बताया कि आरोपियों ने उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाई और उसे जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ित ने कहा, आरोपियों ने कहा कि अब तुझे समाज में जीने नहीं देंगे और मुझे नंगा कर भयानक यातनाएं दीं।
आरोपियों ने वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी, जिससे युवक काफी समय तक डरा और सहमा रहा।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्रवाई
यह खौफनाक घटना करीब पांच महीने पुरानी है, लेकिन इसका खुलासा तब हुआ जब 20 अप्रैल को यह वीडियो वायरल हो गया।
वीडियो वायरल होने के बाद जब पीड़ित को समाज का समर्थन मिला, तो उसने भीलवाड़ा एसपी से मिलकर न्याय की मांग की।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत संज्ञान लिया और मुख्य आरोपी सुरेश कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया।
एसपी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और जांच जारी है।
पुलिस अब इस मामले में शामिल मुकेश तेली और तीन अन्य आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने की कोशिश में जुटी है।
इस घटना ने न केवल भीलवाड़ा बल्कि पूरे राजस्थान में रोष पैदा कर दिया है और लोग कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।
पीड़ित फिलहाल गहरे मानसिक सदमे में है और उसे चिकित्सा सहायता के साथ-साथ पुलिस सुरक्षा भी प्रदान की जा रही है।
यह मामला यह सोचने पर मजबूर करता है कि समाज में सुधार की बातें करना आज भी कितना जोखिम भरा हो सकता है।
पुलिस का कहना है कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और इस तरह के अमानवीय कृत्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
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