भीनमाल | जालौर जिले की राजनीति में उस वक्त भूचाल आ गया जब श्रीमाली ब्राह्मण समाज ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिलाध्यक्ष जसराज राजपुरोहित के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। समाज ने जिलाध्यक्ष पर एक वरिष्ठ पार्षद और पूरे समाज के खिलाफ अभद्र भाषा और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप लगाया है।
इस घटना के विरोध में समाज ने एक आपात बैठक बुलाकर 'निंदा प्रस्ताव' पारित किया और जिलाध्यक्ष को सार्वजनिक माफी के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा मामला भीनमाल के महालक्ष्मी मंदिर धोराढाल में आयोजित एक बैठक से शुरू हुआ। श्रीमाली ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष शेखर व्यास की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बड़ी संख्या में समाज के लोग और विशेषकर युवा शामिल हुए।
समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि भाजपा जिलाध्यक्ष जसराज राजपुरोहित ने समाज के वरिष्ठ पार्षद श्यामलाल बोहरा और संपूर्ण श्रीमाली ब्राह्मण समाज को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ये टिप्पणियां निराधार और समाज की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाली हैं।
एक गहरी साजिश का आरोप
बैठक में मौजूद वक्ताओं ने इस घटना को एक गहरी साजिश का हिस्सा बताया। उनका कहना था कि राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं में आपसी मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और पूरे समाज के लिए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करना अस्वीकार्य है। समाज ने कहा कि वह इसका कड़ा प्रतिकार करेगा।
24 घंटे का अल्टीमेटम और चुनावी चेतावनी
बैठक में सर्वसम्मति से एक निंदा प्रस्ताव पारित किया गया, जिसमें जिलाध्यक्ष जसराज राजपुरोहित से तत्काल माफी की मांग की गई। समाज ने स्पष्ट किया कि उन्हें 24 घंटे के भीतर अपनी गलती स्वीकार करनी होगी।
मांग यह है कि राजपुरोहित सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और इसका एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करें। साथ ही, उन्हें यह भी आश्वासन देना होगा कि भविष्य में वे इस तरह की भाषा का प्रयोग कभी नहीं करेंगे।
चुनावों में खामियाजा भुगतने की चेतावनी
श्रीमाली ब्राह्मण समाज ने भाजपा को सीधी चेतावनी दी है। समाज के वक्ताओं ने कहा कि वे परंपरागत रूप से भाजपा के मतदाता रहे हैं, लेकिन इस अपमान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यदि 24 घंटे के भीतर माफीनामा नहीं आता है, तो समाज सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगा। इसका सीधा असर आगामी निकाय और पंचायती राज चुनावों पर पड़ेगा, जिसका खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ सकता है।
'हम परशुराम के वंशज हैं'
बैठक के दौरान युवाओं का गुस्सा चरम पर था। वक्ताओं ने समाज को एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि अब चुप बैठने का समय नहीं है।
हम शंकराचार्य और परशुराम जी के वंशज हैं। हमारा ब्रह्मत्व और पुरुषत्व केवल बातों और भोजन तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
इस दौरान इतिहास का भी जिक्र किया गया। वक्ताओं ने 'साहला' में हुई एक पुरानी घटना की याद दिलाई, जब सभी ब्राह्मणों ने एकजुट होकर एक व्यक्ति से खुलेआम माफी मंगवाई थी और उसे दंडित भी करवाया था।
स्थानीय नेताओं से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
मंच पर मौजूद भाजपा के नगर अध्यक्ष प्रवीण जी और नवी जी से भी समाज ने विशेष आग्रह किया। उनसे कहा गया कि वे इस मामले की गंभीरता को तुरंत जिलाध्यक्ष के संज्ञान में लाएं, क्योंकि समाज का युवा अब इस अपमान को सहन नहीं करेगा।
इस घटना के बाद भीनमाल और जालौर की स्थानीय राजनीति गरमा गई है। श्रीमाली ब्राह्मण समाज के कड़े रुख के बाद अब सभी की निगाहें भाजपा जिलाध्यक्ष जसराज राजपुरोहित के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या वे माफी मांगेंगे या यह विवाद और तूल पकड़ेगा, यह देखना बाकी है।
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