भोपाल | मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में करीब 682 दिन पहले हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड में विशेष अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। अदालत ने पत्नी और साली की हत्या के मामले में आरोपी पति योगेश को उम्रकैद की सजा से दंडित किया है।
भोपाल दोहरा हत्याकांड: भोपाल में पत्नी और साली की हत्या के दोषी पति को उम्रकैद
भोपाल में करीब 682 दिन पहले पत्नी और साली की हत्या करने वाले आरोपी योगेश को अदालत ने दोनों हत्याओं के लिए अलग-अलग उम्रकैद की सजा सुनाई है।
HIGHLIGHTS
- भोपाल में करीब 682 दिन पहले हुई पत्नी और साली की हत्या के मामले में फैसला आया।
- विशेष अदालत ने दोषी योगेश को दोनों हत्याओं के लिए अलग-अलग उम्रकैद की सजा सुनाई।
- आरोपी ने 311 किमी का सफर तय कर वारदात को पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया था।
- अदालत में 16 महीने सुनवाई चली और 11 गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
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यह मामला उस समय सामने आया था जब पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था और दोनों अलग रह रहे थे।
विवाद और वारदात की वजह
जांच के दौरान सामने आया था कि पति अपनी पत्नी के किसी एएसआई से कथित प्रेम प्रसंग को लेकर परेशान रहता था।
इसी विवाद के चलते पत्नी अपने पति से अलग भोपाल में एक फ्लैट किराए पर लेकर अपनी बहन के साथ रह रही थी।
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प्लानिंग के साथ पहुंचा था आरोपी
पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ कि आरोपी पति पूरी तैयारी और योजना बनाकर 311 किलोमीटर का सफर तय कर भोपाल आया था।
आरोपी पत्नी के फ्लैट के गेट के पास छुप गया था। जब नौकरानी के आने पर गेट खुला, तब उसने अंदर प्रवेश किया।
घर में घुसकर किया जानलेवा हमला
वारदात के समय घर में पत्नी और उसकी बहन दोनों मौजूद थीं।
आरोपी ने नौकरानी को धक्का देकर गिरा दिया और दोनों महिलाओं पर लगातार वार करना शुरू कर दिया।
इस हमले में पत्नी और उसकी बहन दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
- नौकरानी ने घटना की जानकारी तुरंत पड़ोसियों को दी।
- पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची।
- घटनास्थल से पुलिस ने जरूरी साक्ष्य और सबूत जुटाए।
मंडला जिले से हुई थी गिरफ्तारी
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस ने छानबीन शुरू की और आरोपी की तलाश तेज की।
बाद में मध्य प्रदेश के मंडला जिले में पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को उस समय गिरफ्तार किया, जब वह कार से अपने ड्राइवर के साथ जा रहा था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों मृतकों के शरीर पर कई गहरे घाव मिलने की पुष्टि हुई थी।
16 महीने चली सुनवाई, कोर्ट ने सुनाई सजा
मामले में अदालत के भीतर करीब 16 महीने तक नियमित सुनवाई का दौर चला।
इस केस के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाहों को पेश किया गया और घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज व तकनीकी सबूत भी रखे गए।
जस्टिस सुचिता श्रीवास्तव की विशेष कोर्ट ने आरोपी योगेश को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (1) के तहत दोनों हत्याओं के लिए अलग-अलग उम्रकैद की सजा सुनाई।
इसके साथ ही कोर्ट ने 1-1 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत आरोपी को तीन साल का सश्रम कारावास और एक हजार रुपये का जुर्माना सुनाया गया।
मामले में शासन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक सुधाविजय सिंह भदौरिया ने पैरवी की थी।
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