जालोर | भुज-नई दिल्ली-भुज ट्रेन के संचालन को लेकर चर्चा में आए संभावित टाइम टेबल ने जालोर जिले के लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। जिलेवासी और जनप्रतिनिधि इस समय सारणी में आंशिक बदलाव की मांग कर रहे हैं। वर्तमान में जालोर से जयपुर और दिल्ली जाने वाली अधिकांश निजी बसें शाम को संचालित होती हैं। ये बसें सुबह 5 से 7 बजे के बीच जयपुर और 6 से 10 बजे के बीच दिल्ली पहुंचती हैं।
बस शेड्यूल और यात्रियों की सुविधा
यात्रियों का तर्क है कि ट्रेन का समय भी बसों के अनुरूप होना चाहिए। प्रस्तावित टाइम टेबल के अनुसार, यह ट्रेन शाम 7.37 बजे जालोर पहुंचेगी। लोग चाहते हैं कि इसे एक घंटा देरी से चलाया जाए। यदि ट्रेन भुज से दोपहर 1 बजे रवाना होती है, तो यह जालोर रात 8.37 बजे पहुंचेगी। इससे यात्री अपने जरूरी काम निपटाकर आराम से जालोर, भीनमाल और रानीवाड़ा जैसे स्टेशनों से यात्रा कर सकेंगे।
समय की बचत और दिल्ली पहुंच
रिवर्सल समय में 30 मिनट की कटौती कर इस ट्रेन को सुबह 7 बजे जयपुर पहुंचाया जा सकता है। इससे दिल्ली पहुंचने का समय दोपहर 12.15 बजे होगा, जो बाजार खुलने का सही समय है। वर्तमान में प्रस्तावित समय के अनुसार ट्रेन सुबह 11.45 बजे दिल्ली पहुंचेगी। यात्रियों का मानना है कि थोड़े से बदलाव से यह ट्रेन व्यापारियों और पर्यटकों के लिए अधिक उपयोगी साबित होगी।
वापसी के समय में संशोधन की दरकार
वापसी में दिल्ली से रवानगी का समय शाम 4.40 बजे प्रस्तावित है। यात्री चाहते हैं कि इसे 40 मिनट पहले यानी शाम 4 बजे किया जाए। इससे जालोर के यात्रियों को काफी सुविधा होगी। मारवाड़ जंक्शन और लूनी में रिवर्सल समय कम करने पर यह ट्रेन शाम 7.30 बजे तक जालोर पहुंच सकेगी। यह समय निजी बसों के नियमित शेड्यूल के बिल्कुल अनुकूल बैठता है।
पुराने वायरल लेटर का महत्व
सोशल मीडिया पर 9 मार्च को वायरल हुए एक पत्र के टाइम टेबल को लोग अधिक व्यवहारिक मान रहे हैं। उस पत्र में ट्रेन के जयपुर और अजमेर पहुंचने का समय यात्रियों के लिए ज्यादा बेहतर था। उस समय सारणी के अनुसार, वापसी में ट्रेन दिल्ली से दोपहर 3.30 बजे रवाना होनी थी। इससे जयपुर और अजमेर जैसे बड़े शहरों के यात्रियों को बेहतर विकल्प मिल रहा था।
महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ठहराव की मांग
सांचौर और आसपास के यात्रियों की सुविधा के लिए रानीवाड़ा में ठहराव अनिवार्य माना जा रहा है। इसके अलावा भीनमाल, मोदरान और मोकलसर जैसे स्टेशनों पर भी स्टॉपेज की मांग की गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि रेलवे इन सुझावों पर गौर करता है, तो इस नई ट्रेन सेवा का लाभ अधिकतम लोगों तक पहुंच सकेगा। इससे न केवल यात्रा सुगम होगी, बल्कि व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।