भारतीय चयनकर्ताओं ने न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली पांच टी20 मैचों की सीरीज के लिए टीम का ऐलान कर दिया है। इस टीम में सबसे चौंकाने वाला नाम अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का है।
भुवनेश्वर कुमार की लंबे समय बाद वापसी
भुवनेश्वर कुमार ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच साल 2022 में खेला था। इसके बाद से वह लगातार टीम इंडिया से बाहर चल रहे थे।
उन्हें न तो टेस्ट टीम में जगह मिल रही थी और न ही वनडे टीम में। लेकिन अब टी20 सीरीज के लिए उनकी अचानक वापसी हुई है।
भुवनेश्वर की इस वापसी ने क्रिकेट गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। फैंस और विशेषज्ञ अब अन्य अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी की उम्मीद कर रहे हैं।
मोहम्मद शमी के चयन पर उठते सवाल
भुवनेश्वर की वापसी के बाद मोहम्मद शमी के नाम को लेकर चर्चा तेज हो गई है। शमी 2025 चैंपियंस ट्रॉफी की जीत के बाद से टीम का हिस्सा नहीं हैं।
चयनकर्ताओं ने उन्हें लगातार नजरअंदाज किया है। अजीत अगरकर ने पहले उनकी फिटनेस को लेकर स्पष्ट जानकारी न होने की बात कही थी।
जब शमी ने अपनी फिटनेस साबित की, तब मुख्य चयनकर्ता की तरफ से कहा गया कि वे अभी शमी के बारे में नहीं सोच रहे हैं।
घरेलू क्रिकेट में शमी का घातक प्रदर्शन
शमी लगातार घातक गेंदबाजी कर रहे हैं। उन्होंने सिर्फ रणजी ट्रॉफी में ही नहीं, बल्कि सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में भी अपनी गेंदबाजी का दम दिखाया।
शमी ने हाल ही में रणजी ट्रॉफी के ग्रुप सी के मुकाबले में बंगाल की तरफ से खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया।
उन्होंने दिल्ली के खिलाफ 17.3 ओवर में सिर्फ 30 रन खर्च करके चार विकेट चटकाए। इस दौरान उन्होंने नौ ओवर मेडन डाले।
उनकी इकॉनमी महज 1.7 की रही। उनकी धारदार गेंदबाजी के दम पर बंगाल ने दिल्ली को सिर्फ 240 रन पर समेट दिया।
चयनकर्ताओं की दुविधा और नए प्रयोग
चयनकर्ताओं ने शमी के विकल्प के तौर पर कई गेंदबाजों को आजमाया है। इनमें प्रसिद्ध कृष्णा, यश ठाकुर और प्रिंस यादव जैसे नाम शामिल हैं।
इसके अलावा मयंक यादव, मुकेश कुमार और आकाश दीप को भी अलग-अलग मौकों पर आजमाया गया है।
अंशुल कंबोज, आकिब नबी, तुषार देशपांडे, हर्षित राणा और रमनदीप सिंह को भी मौके मिले हैं।
हालांकि, इनमें से कोई भी गेंदबाज लगातार शमी के अनुभव और प्रदर्शन की बराबरी नहीं कर पाया है।
क्या शमी की भी होगी वापसी?
अजीत अगरकर के कार्यकाल में शमी की वापसी को लेकर स्थिति कभी साफ नहीं हो पाई थी।
लेकिन उनके जाने के बाद 4 साल से बाहर बैठे भुवनेश्वर कुमार की वापसी ने नई उम्मीदें जगा दी हैं।
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या चयनकर्ता एक बार फिर मोहम्मद शमी की ओर रुख करेंगे?
शमी हर फॉर्मेट में खुद को साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी मौजूदा फॉर्म को देखते हुए उनकी अनदेखी करना मुश्किल लग रहा है।
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