भारत: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला NEET काउंसलिंग पर रोक लगाने से इनकार

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला NEET काउंसलिंग पर रोक लगाने से इनकार
सुप्रीम कोर्ट
Ad

Highlights

 NEET UG एग्जाम 2024 में ग्रेस मार्क्स देने में मनमानी का आरोप लगाया

NEET रिजल्ट पर गड़बड़ी के आरोप लगने के बाद NTA ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर शिकायतकर्ताओं के सवालों के जवाब दिए थे।

भारत | सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने NEET काउंसलिंग पर रोक लगाने की याचिका खारिज कर दी है। अदालत में सोमवार को NEET की काउंसलिंग (counseling) रोकने और 1563 छात्रों को ग्रेस मार्क्स (grace marks) देने को चुनौती देने वाली दो याचिकाएं दाखिल हुई थीं। इनमें परीक्षा रद्द कर एसआईटी (SIT) जांच की मांग की गई थी। इन पर मंगलवार को सुनवाई हुई।

याचिका की सुनवाई कर रही सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की बेंच ने काउंसलिंग पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। हालांकि, परीक्षा कराने वाली संस्था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA से कहा- NEET UG की पवित्रता प्रभावित हुई है। हमें इसका जवाब चाहिए। जस्टिस विक्रम नाथ और अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की वेकेशन बेंच (vacation bench) ने मामले की सुनवाई की।

मनमानी का आरोप ग्रेस मार्क्स देने में 

याचिकाकर्ताओं ने NEET UG एग्जाम 2024 में ग्रेस मार्क्स (grace marks) देने में मनमानी का आरोप लगाया है। एक एग्जाम सेंटर (exam center) के 67 कैंडिडेट्स को पूरे 720 मिले हैं, इस पर भी याचिकाकर्ताओं ने संदेह जताया है।

सुप्रीम कोर्ट में दायर नई याचिका में 5 मई को आयोजित NEET UG एग्जाम का पेपर लीक (paper leak) होने की व्यापक शिकायतों का भी हवाला दिया गया है।

आंध प्रदेश और तेलंगाना से दायर हुई याचिका

याचिका में कहा गया था कि रिजल्‍ट में ग्रेस मार्क्‍स (grace marks) देना NTA का मनमाना फैसला है। स्‍टूडेंट्स को 718 या 719 मार्क्स देने का कोई मैथमेटिकल (mathematical) आधार नहीं है।

ये याचिका स्टूडेंट वेलफेयर (student welfare) के लिए काम करने वाले अब्दुल्लाह मोहम्मद फैज और डॉक्टर शेख रोशन ने दायर की थी। ये दोनों आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में स्टूडेंट्स वेलफेयर (student welfare) के लिए काम करते हैं।

20 हजार स्‍टूडेंट्स ने की है शिकायत

देश भर में NEET-UG 2024 को लेकर अलग-अलग राज्यों में लगभग 20 हजार स्टूडेंट्स ने याचिका दायर की थीं, जिसमें परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत की गई थी।

ग्रेस मार्क्स (grace marks) के खिलाफ दायर की गई याचिका में कहा गया है कि NTA ने अब तक ये नहीं बताया कि उन्होंने स्टूडेंट्स को ग्रेस मार्क्स (grace marks) देने के लिए क्या तरीका अपनाया है।

एग्जाम के पहले NTA की तरफ से जारी की गई इन्फॉर्मेशन बुलेटिन (information bulletin) में भी ग्रेस मार्क्स (grace marks) देने के प्रावधान का जिक्र नहीं किया गया था। ऐसे में कुछ कैंडिडेट्स को ग्रेस मार्क्स (grace marks) देना सही नहीं है।

2015 में कोर्ट के आदेश से रद्द करनी पड़ी थी AIPMT

मेडिकल एंट्रेस के लिए 2015 में एआईपीएमटी (AIPMT) परीक्षा पेपर लीक के कारण रद्द हुई थी। सीबीएसई (CBSE) ने कोर्ट में कहा था कि 44 छात्र ही लीक में लिप्त थे। लेकिन कोर्ट ने इस तर्क को नहीं माना और फिर परीक्षा हुई थी।

शिकायतकर्ताओं के जवाब दिए थे NTA ने 

NEET रिजल्ट पर गड़बड़ी के आरोप लगने के बाद NTA ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस (press conference) कर शिकायतकर्ताओं के सवालों के जवाब दिए थे।

NEET रिजल्ट पर गड़बड़ी के आरोप लगने के बाद से ही इस पर राजनीति भी शुरू हो गई। कांग्रेस नेता के.सी. (K.C.) वेणुगोपाल ने 8 जून को लोक सभा को एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने NEET 2024 की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।

इसके बाद 9 जून को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी एक्स पर लिखा था कि शिक्षा माफियाओं से निपटना बेहद जरूरी है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

Must Read: सामाजिक आरक्षण में सबसे बड़ी भूमिका लोकेन्द्रसिंह कालवी की रही : बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी

पढें राजस्थान खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News) के लिए डाउनलोड करें thinQ360 App.

  • Follow us on :