राजनीति

सम्राट चौधरी होंगे बिहार के नए सीएम: बिहार नीतीश कुमार का इस्तीफा, सम्राट चौधरी चुने गए भाजपा विधायक दल के नेता

बलजीत सिंह शेखावत · 14 अप्रैल 2026, 04:28 दोपहर
बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ है। नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद सम्राट चौधरी को भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया है।

पटना | बिहार की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक और बड़ा मोड़ आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राजभवन जाकर राज्यपाल को अपना आधिकारिक त्यागपत्र सौंप दिया।

नीतीश कुमार के इस्तीफे के साथ ही भाजपा खेमे में राजनीतिक हलचल काफी तेज हो गई है। पटना में आयोजित भाजपा विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक में सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से नेता चुन लिया गया है।

सम्राट चौधरी बने भाजपा विधायक दल के नेता

भाजपा की इस अहम बैठक में वरिष्ठ नेता विजय कुमार सिन्हा ने सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा। वहां मौजूद सभी विधायकों ने मेज थपथपाकर इस प्रस्ताव का पुरजोर समर्थन किया।

सम्राट चौधरी अब बिहार में भारतीय जनता पार्टी के सबसे प्रमुख चेहरे के रूप में उभरकर सामने आए हैं। उनके नेतृत्व में पार्टी अब राज्य में सरकार गठन की अगली प्रक्रिया को अंजाम देगी।

नीतीश कुमार का भावुक विदाई संदेश

इस्तीफा देने के तुरंत बाद नीतीश कुमार ने बिहार की जनता के नाम एक अत्यंत भावुक पत्र लिखा। उन्होंने पत्र में कहा कि उन्होंने हमेशा बिहार के विकास और जनसेवा के लिए काम किया है।

नीतीश ने स्पष्ट किया कि उन्होंने स्वेच्छा से पद छोड़ने का फैसला किया है। कैबिनेट की अंतिम बैठक के बाद उन्होंने राज्यपाल से मिलकर अपना निर्णय साझा किया और भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

बिहार में भाजपा के नेतृत्व का नया दौर

बिहार के राजनीतिक इतिहास में यह पहली बार होने जा रहा है जब भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार बनने की प्रबल संभावना है। पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय को दुल्हन की तरह सजाया गया है।

नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर करीब चार दशकों का रहा है। उनके इस्तीफे को राजनीतिक विश्लेषक बिहार में एक बड़े 'नीतीश युग' का अंत मान रहे हैं।

बदलते राजनीतिक समीकरण और भविष्य

पिछले विधानसभा चुनाव में एनडीए को बहुमत मिलने के बाद नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। हालांकि, अब राज्य के राजनीतिक समीकरण पूरी तरह से बदल चुके हैं।

सम्राट चौधरी के नाम पर आधिकारिक मुहर लगने से कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। अब सबकी नजरें राजभवन में होने वाले नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हुई हैं।

बिहार की जनता इस बड़े राजनीतिक बदलाव को बहुत उत्सुकता से देख रही है। आने वाले दिनों में राज्य की शासन व्यवस्था और नीतियों में बड़े बदलाव की उम्मीद की जा रही है।

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