बीकानेर | राजस्थान के बीकानेर जिले के रासीसर गांव में पांच दिन पहले हुए सनसनीखेज अनिल बिश्नोई हत्याकांड का पुलिस ने आधिकारिक खुलासा कर दिया है। इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने मृतक के दो चचेरे भाइयों को गिरफ्तार किया है।
रिश्तों का हुआ कत्ल
पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि अनिल की हत्या किसी बाहरी दुश्मन ने नहीं, बल्कि उसके सगे चचेरे भाइयों ने ही की थी। पकड़े गए आरोपियों की पहचान जगदीश और रामकुमार बिश्नोई के रूप में हुई है। हैरानी की बात यह है कि आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए हत्या के बाद मृतक के अंतिम संस्कार में भी बढ़-चढ़कर भाग लिया था। वे लगातार परिजनों के साथ रहकर शोक जताने का नाटक कर रहे थे ताकि किसी को उन पर शक न हो।
हत्या की खौफनाक वजह
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) बनवारी लाल मीणा ने बताया कि घटना से एक रात पहले आरोपी जगदीश ने अनिल को एक युवती के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इससे वह काफी आक्रोशित हो गया था। इस बात से नाराज होकर जगदीश ने अपने भाई रामकुमार के साथ मिलकर अनिल को रास्ते से हटाने की साजिश रची। अगली सुबह जब उन्हें मौका मिला, तो उन्होंने अनिल के घर में घुसकर उस पर जानलेवा हमला कर दिया।
फावड़े से किया ताबड़तोड़ वार
आरोपियों ने अनिल के सिर पर फावड़े से ताबड़तोड़ वार किए। सिर पर लगी गंभीर चोटों के कारण अनिल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर को सुलझाने के लिए तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा लिया।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
- 23 मार्च को मृतक के पिता ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।
- विशेष टीमों ने मोबाइल लोकेशन और परिस्थितियों की गहन जांच की।
- मनोवैज्ञानिक दबाव और कड़ी पूछताछ के बाद आरोपियों ने जुर्म कबूला।
- पुलिस अब हत्या में इस्तेमाल किया गया फावड़ा बरामद करने की कोशिश कर रही है।