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नेत्रहीन विद्यालय में स्वतंत्रता दिवस: बीकानेर के नेत्रहीन विद्यालय में गूंजा देशभक्ति का तराना

महेन्द्रसिंह शेखावत · 15 अगस्त 2026, 12:41 दोपहर
राजकीय नेत्रहीन विद्यालय में धूमधाम से मना स्वतंत्रता दिवस, मेधावी छात्रों को मिला नकद पुरस्कार।

बीकानेर | राजकीय नेत्रहीन विद्यालय में स्वतंत्रता दिवस का पावन पर्व बेहद हर्षोल्लास और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। इस पावन राष्ट्रीय पर्व के दौरान पूरा विद्यालय परिसर तिरंगे के रंग में रंगा नजर आया और देशभक्ति के नारों से गूंज उठा।

शानदार ध्वजारोहण और देशभक्ति की गूंज

कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ उपस्थित अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद विद्यालय के प्रधानाचार्य अल्ताफ अहमद खान और मुख्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में शान से ध्वजारोहण किया गया।

इसके तुरंत बाद विद्यालय के प्रतिभावान विद्यार्थियों ने राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत एवं झंडा गीत की बेहद सुरीली प्रस्तुतियां दीं। इन बच्चों के सुरों ने वहां मौजूद हर एक व्यक्ति को देशभक्ति के रंग में पूरी तरह सराबोर कर दिया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा सबका मन

इस विशेष अवसर पर राजदीप यादव ने प्रदेश के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का संदेश पढ़कर सुनाया। इसके बाद नेत्रहीन बच्चों ने देशभक्ति गीत, कविताओं और भाषणों की ऐसी शानदार प्रस्तुतियां दीं कि लोग भावुक हो उठे।

मेधावी छात्रों को मिला नकद पुरस्कार

कार्यक्रम के अध्यक्ष और प्रसिद्ध समाजसेवी बाबूलाल सांखला ने अपनी पुरानी परंपरा को जारी रखा। उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले होनहार छात्रों को नकद पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया।

कक्षा 10वीं और 12वीं के प्रथम स्थान पाने वाले छात्र को 1100 रुपये की सम्मान राशि दी गई। द्वितीय स्थान को 700 रुपये और तृतीय स्थान पाने वाले छात्र को 500 रुपये की नकद राशि मिली। अन्य बच्चों को भी सांत्वना पुरस्कार मिला।

"हमारे बच्चों में अद्भुत प्रतिभा है। समाज के सहयोग और इन बच्चों की मेहनत से विद्यालय लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।" - प्रधानाचार्य अल्ताफ अहमद खान

सहयोगियों का आभार और समापन

प्रधानाचार्य ने विद्यालय की प्रगति की वार्षिक रिपोर्ट पेश की। उन्होंने सहयोग करने वाली सभी सामाजिक संस्थाओं और दानदाताओं का दिल से आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का सफल संचालन आनंद पारीक ने किया।

यह आयोजन इस बात का जीवंत प्रमाण है कि हौसले बुलंद हों तो कोई भी बाधा राह नहीं रोक सकती। विद्यालय के इन बच्चों ने साबित कर दिया कि वे किसी से कम नहीं हैं।

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