राजस्थान

टिकट नहीं, तो मारपीट: बीकानेर में कांग्रेस जिलाध्यक्ष से मारपीट, टिकट का विवाद

महेन्द्रसिंह शेखावत · 02 सितम्बर 2026, 05:56 शाम
बीकानेर में टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस में विवाद गहरा गया है। वार्ड 50 से टिकट न मिलने पर कांग्रेस कार्यकर्ता ने पूर्व आईपीएस और जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल से मारपीट की।

बीकानेर | नगर निगम चुनाव के बीच बीकानेर शहर कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है। शहर कांग्रेस जिला अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी मदन गोपाल मेघवाल के साथ बुधवार को मारपीट किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

यह घटना वार्ड 50 में हुई, जहां मेघवाल कांग्रेस प्रत्याशी नवरतन डागा के चुनाव कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।

स्वागत के बहाने बुलाया, फिर किया हमला

मदन गोपाल मेघवाल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कांग्रेस कार्यकर्ता मोहित अरोड़ा और उसके तीन साथी कार्यक्रम स्थल पर मौजूद थे।

उन्होंने बताया कि ये लोग उन्हें माला पहनाने और स्वागत करने के बहाने कार्यालय से बाहर बुलाकर ले गए।

पहले मुंह मीठा कराया, फिर पूछे सवाल

मेघवाल ने बताया कि बाहर ले जाने के बाद पहले उनका मुंह मीठा कराया गया। इसके तुरंत बाद मोहित अरोड़ा ने उनसे सवाल किया कि उसे वार्ड 50 से पार्टी का टिकट क्यों नहीं दिया गया।

मेघवाल ने जवाब दिया कि पार्टी से अनेक लोग टिकट मांगते हैं, लेकिन टिकट किसी एक व्यक्ति को ही दिया जा सकता है।

बातचीत के दौरान मारपीट का आरोप

मेघवाल का आरोप है कि उनका जवाब सुनते ही मोहित और उसके साथियों ने कथित रूप से उनके साथ चांटे और मुक्कों से मारपीट शुरू कर दी।

उन्होंने बताया कि मोहित अरोड़ा पिछले दो दिनों से उनके आसपास घूम रहा था और लगातार वार्ड 50 से कांग्रेस का टिकट मांग रहा था।

पहले भी हुई थी मुलाकात

मेघवाल के अनुसार, मोहित मंगलवार को पार्टी कार्यालय भी आया था, जहां उन्होंने दुपट्टा पहनाकर उसका स्वागत किया था। बुधवार को भी वह अपने साथियों के साथ चुनाव कार्यालय के उद्घाटन में मौजूद था और कांग्रेस के समर्थन में नारे लगा रहा था।

'पार्टी ने गुंडों को टिकट नहीं देकर सही किया'

इस घटना के बाद मदन गोपाल मेघवाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि मारपीट करने वाले लोग कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ता ही हैं।

उन्होंने कहा कि टिकट नहीं मिलने की नाराजगी में इस तरह का हिंसक व्यवहार लोकतांत्रिक राजनीति के लिए बिल्कुल भी उचित नहीं है।

मेघवाल ने तंज कसते हुए कहा, "इस घटना से पार्टी ने साबित कर दिया कि वह गुंडों को टिकट नहीं देती।"

इस घटना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। नगर निगम चुनाव के दौरान टिकट वितरण को लेकर सामने आया यह विवाद पार्टी के लिए एक असहज स्थिति पैदा कर सकता है। हालांकि, इस मामले में पुलिस शिकायत या आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हुई है।

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