बीकानेर | बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्राम सेवा सहकारी समितियों (पैक्स) को उर्वरक लाइसेंस दिलाने की प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों पर अब सख्त कार्रवाई हो सकती है। सहकारी बैंक ने 75 ऐसी समितियों को अंतिम चेतावनी जारी की है जिन्होंने अब तक लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं किया है।
बैंक ने इन समितियों के संबंधित कार्मिकों को पांच दिनों के भीतर लाइसेंस के लिए आवेदन करने का निर्देश दिया है।
लापरवाही पर बैंक का कड़ा रुख
सहकारी बैंक के एमडी रणवीर सिंह द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि निर्धारित अवधि में आवेदन नहीं करने पर संबंधित कार्मिकों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
आदेश में सभी संबंधित शाखा प्रबंधकों और ऋण पर्यवेक्षकों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया गया है।
बार-बार दिए गए निर्देश
पत्र में इस बात का भी उल्लेख है कि बार-बार निर्देश जारी किए जाने के बावजूद सूचीबद्ध समितियों की ओर से लाइसेंस के लिए आवेदन प्रक्रिया में गंभीरता नहीं दिखाई गई।
पहले भी दिए गए थे निर्देश
बैंक के अनुसार, 10 अगस्त को मुख्य शासन सचिव, सहकारिता विभाग, जयपुर द्वारा आयोजित एक वीडियो कॉन्फ्रेंस में भी इन समितियों को उर्वरक लाइसेंस के लिए आवेदन करवाने के निर्देश दिए गए थे।
इससे पहले भी बैंक, अतिरिक्त रजिस्ट्रार सहकारी समितियां बीकानेर खंड और शीर्ष बैंक की ओर से इस संबंध में कई बार निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
अंतिम अवसर और कार्रवाई की चेतावनी
लगातार निर्देशों की अवहेलना के बाद अब बैंक ने यह अंतिम मौका दिया है। पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि यदि पांच दिनों में आवेदन नहीं किया गया या कार्य में कोई शिथिलता बरती गई, तो संबंधित कार्मिक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
इन क्षेत्रों की समितियां शामिल
जारी सूची में बीकानेर की मुख्य शाखा, ईवनिंग शाखा, लूणकरणसर, नोखा, खाजूवाला-पुगल, कोलायत, जसरासर, छत्तरगढ़, बज्जू, डूंगरगढ़ और पुगल शाखा क्षेत्र की विभिन्न ग्राम सेवा सहकारी समितियां शामिल हैं।
इनमें केसरदेसर जाटान, सिंथल, मूंडसर, कोलासर, उदासर, सुरधना, स्वरूपदेसर, बम्बलू, कानासर, अमरपुरा, नालबड़ी, जामसर, रावासर, राजासर भाटियान, हंसेरा, जैतपुर, बामनवाली, रामबाग, चारकड़ा, सुरपुरा, ढींगसरी, हंसासर, किसनासर, गजरोपदेसर, आकाशर, डियातरा, नोखरा, झाझू, भेलू, झरेली, और केलां सहित कई समितियां हैं।
उल्लेखनीय है कि भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष शंभू सिंह राठौड़ ने विभाग से इस संबंध में लंबे समय से मांग कर रखी थी।
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