बीकानेर | जिला एवं सत्र न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि सड़क पर लावारिस पशु से टकराकर हुई मौत के लिए ग्राम पंचायत को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। न्यायालय ने इसे चालक की लापरवाही मानते हुए मुआवजे की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है।
क्या था पूरा मामला?
यह घटना 14 जुलाई 2020 की है, जब अवतार सिंह और गुरजंट सिंह की अर्जुनसर और महाजन के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। उनकी मोटरसाइकिल के सामने अचानक एक लावारिस पशु आ गया था, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ।
इस घटना के बाद, मृतकों के परिजनों ने ग्राम पंचायत महाजन और ग्राम पंचायत अर्जनसर स्टेशन को जिम्मेदार ठहराया। उनका तर्क था कि आवारा पशुओं के विचरण को रोकना पंचायत की जिम्मेदारी है।
परिजनों ने दोनों ग्राम पंचायतों से कुल साठ लाख रुपये के मुआवजे की मांग करते हुए न्यायालय में याचिका दायर की थी। ग्राम पंचायत अर्जनसर स्टेशन की ओर से अधिवक्ता गोपाल सिंह सोलंकी ने मामले की पैरवी की।
न्यायालय ने क्या कहा?
जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्विनी विज ने मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना निर्णय सुनाया। न्यायालय ने माना कि यह दुर्घटना ग्राम पंचायत की लापरवाही के कारण नहीं हुई।
न्यायालय ने कहा, "दुर्घटना मोटरसाइकिल को गफलत पूर्वक चलाने के कारण हुई, राजमार्ग पर तेज गति से लापरवाही पूर्वक चलने के कारण यह घटना घटी और पशुओं से बचने की जिम्मेदारी स्वयं चालक की होती है।"
इस तर्क के आधार पर, न्यायालय ने ग्राम पंचायत को इस मामले में जिम्मेदार नहीं माना और परिवादियों को कोई भी राहत देने से इनकार कर दिया। यह फैसला सड़क सुरक्षा और स्थानीय निकायों की जिम्मेदारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण नजीर पेश करता है।
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