बीकानेर |
जिला विधिक सहायता प्राधिकरण ने सड़क सुरक्षा को लेकर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के प्रमुख राजमार्ग पर निजी बसों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली पांच बसों को सीज कर दिया गया।
प्राधिकरण सचिव ने किया निरीक्षण का नेतृत्व
यह निरीक्षण जिला विधिक सहायता प्राधिकरण की सचिव और अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश मांडवी राजवी के नेतृत्व में किया गया। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के विशेष निर्देशों के तहत की गई है।
क्यों पड़ी निरीक्षण की जरूरत?
प्राधिकरण ने बताया कि लक्जरी और स्लीपर बसों में अनाधिकृत संरचनात्मक संशोधनों के कारण बार-बार होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर माननीय राज्य प्राधिकरण ने गंभीर संज्ञान लिया है।
इस प्रकार के गैर-कानूनी बदलाव सड़क सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा पैदा करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप कई बहुमूल्य मानव जीवन की अनावश्यक हानि हुई है।
राज्यव्यापी अभियान का हिस्सा है कार्रवाई
नागरिकों के सुरक्षित परिवहन के अधिकार की रक्षा करने और मोटरयान अधिनियम, 1988 व सरकारी दिशानिर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
इसी उद्देश्य से पूरे राजस्थान में एक महीने का विशेष निरीक्षण और प्रवर्तन अभियान राज्य प्राधिकरण द्वारा चलाया जा रहा है।
निरीक्षण टीम में कौन-कौन थे शामिल?
राज्य प्राधिकरण के निर्देशों की पालना में 09 जुलाई को बीकानेर में यह निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कुल पांच बसें ऐसी पाई गईं जो नियमानुसार सही नहीं थीं, जिन्हें तत्काल सीज कर दिया गया।
इस निरीक्षण टीम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एडीजे मांडवी राजवी के अलावा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मीनाक्षी तिवाडी और जिला परिवहन अधिकारी भारती नथानी भी उपस्थित रहीं।