बीकानेर |कैंसर के गंभीर मरीजों के इलाज के लिए सरकारी सप्लाई के तहत बीकानेर भेजी गई लाखों रुपए की दवा दिल्ली के ब्लैक मार्केट में मिली है। इस मामले ने सरकारी दवा वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल ने इस गोरखधंधे में शामिल एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
चार आरोपी गिरफ्तार, 22 इंजेक्शन बरामद
पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 22 महंगे कैंसररोधी इंजेक्शन बरामद किए गए हैं।
बरामद दवाओं में Bavencio 200 mg/10 ml (Avelumab) भी शामिल है। जांच में यह बात सामने आई कि इस दवा का पूरा बैच सरकारी सप्लाई के तहत राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (RMSCL), बीकानेर को भेजा गया था।
बैच नंबर ने खोला बीकानेर कनेक्शन
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने जब बरामद Bavencio इंजेक्शन की पहचान की, तो उसका बैच नंबर AU052510, निर्माण तिथि 02/2025 और एक्सपायरी 01/2028 पाया गया।
दवा निर्माता कंपनी से सत्यापन कराने पर पुष्टि हुई कि यह बैच सीधे RMSCL, बीकानेर को सरकारी सप्लाई के लिए भेजा गया था। अब जांच का मुख्य बिंदु यह है कि बीकानेर के सरकारी स्टॉक की दवा दिल्ली के ब्लैक मार्केट तक कैसे पहुंची।
सरकारी लेबल मिटाकर बेचने का आरोप
पुलिस जांच के अनुसार, बरामद दवाओं पर से सरकारी सप्लाई से संबंधित लेबल और मार्किंग को मिटाने की कोशिश की गई थी।
पुलिस को आशंका है कि सरकारी दवाओं को सिस्टम से बाहर निकालने के लिए स्टॉक और मरीजों के रिकॉर्ड में फर्जी एंट्री की गई हो सकती है। यह भी जांच की जा रही है कि जिन मरीजों के नाम पर दवाएं जारी दिखाई गईं, उन्हें वास्तव में इंजेक्शन मिले भी थे या नहीं।
राजस्थान से दिल्ली-मुंबई तक फैला नेटवर्क
क्राइम ब्रांच के मुताबिक, इस अवैध नेटवर्क की कड़ियां राजस्थान से दिल्ली और मुंबई के वाशी तक जुड़ी हुई हैं। आरोपियों के पास से 27.19 लाख रुपए नकद भी बरामद हुए हैं। पुलिस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों का पता लगाने में जुटी है।
RMSCL से मांगा गया रिकॉर्ड
बीकानेर कनेक्शन सामने आने के बाद दिल्ली क्राइम ब्रांच ने RMSCL के प्रबंध निदेशक पुखराज सैन को नोटिस भेजा है। उनसे मामले से संबंधित सभी दस्तावेज और रिकॉर्ड मांगे गए हैं।
पुलिस यह जानना चाहती है कि बीकानेर भेजे गए इंजेक्शनों का सरकारी रिकॉर्ड क्या है और उन्हें किन मरीजों को जारी किया गया।
PBM अस्पताल भी जांच के घेरे में
इस खुलासे के बाद अब बीकानेर का PBM अस्पताल और संबंधित सरकारी दवा स्टॉक भी जांच के दायरे में आ गया है। जांच एजेंसियां RMSCL से भेजे गए स्टॉक और अस्पताल में प्राप्त स्टॉक का मिलान कर सकती हैं। यदि रिकॉर्ड में कोई अंतर पाया जाता है, तो यह सरकारी दवा वितरण प्रणाली में एक बड़ी गड़बड़ी की ओर इशारा कर सकता है।
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