बीकानेर | राजस्थान के सीमावर्ती जिले बीकानेर में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। आमतौर पर सड़क हादसे दुखद होते हैं, लेकिन पूगल थाना इलाके में हुआ यह हादसा पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी की वजह बन गया। एक तेज रफ्तार स्कूटी जब नीलगाय से टकराई, तो किसी ने नहीं सोचा था कि इसके डिग्गी में करोड़ों का काला कारोबार छिपा है। इस हादसे ने न केवल एक तस्कर को सलाखों के पीछे पहुँचाने का रास्ता साफ किया, बल्कि सीमा पार से होने वाली तस्करी के बड़े नेटवर्क का भी भंडाफोड़ किया है।
हादसे ने खोला राज
खाजूवाला-पूगल सड़क मार्ग पर मंगलवार की सुबह अन्य दिनों की तरह ही सामान्य थी। आर्मी टावर फांटे के पास अचानक एक स्कूटी सवार के सामने नीलगाय आ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कूटी सवार सड़क पर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी। पुलिस जब मौके पर पहुँची, तो उनका मकसद केवल घायल को अस्पताल पहुँचाना और यातायात सुचारू करना था। लेकिन जैसे ही उन्होंने क्षतिग्रस्त स्कूटी की तलाशी ली, उनके होश उड़ गए।
डिग्गी से निकली करोड़ों की हेरोइन
पूगल थानाधिकारी समरवीर सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद थे। स्कूटी की डिग्गी की तलाशी के दौरान उसमें तीन बड़े पैकेट मिले। इन पैकेटों को सावधानी से खोला गया तो उसमें सफेद पाउडर जैसा पदार्थ मिला। प्रारंभिक जांच और किट टेस्ट में पुष्टि हुई कि यह उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन है। जब इसका वजन किया गया, तो यह करीब 14 किलो निकली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस मात्रा की कीमत करीब 70 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
कौन है घायल तस्कर?
हादसे में घायल युवक की पहचान पाली जिले के निवासी खेताराम के रूप में हुई है। टक्कर के कारण उसके सिर में गंभीर चोटें आई हैं। उसे तुरंत बीकानेर के पीबीएम अस्पताल के ट्रोमा सेंटर ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत ऑपरेशन करने का फैसला लिया। फिलहाल खेताराम की हालत नाजुक बनी हुई है और वह पुलिस को बयान देने की स्थिति में नहीं है। पुलिस को उसके होश में आने का बेसब्री से इंतजार है ताकि इस पूरे सिंडिकेट का पता लगाया जा सके।
ड्रोन तस्करी का अंदेशा
पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीमों का गठन किया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि हेरोइन की यह खेप सीमा पार यानी पाकिस्तान से आई हो सकती है। पिछले कुछ समय में सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन के जरिए मादक पदार्थों की डिलीवरी के कई मामले सामने आए हैं। पुलिस को संदेह है कि खेताराम ने यह माल भारत-पाक सीमा के पास किसी सुनसान जगह से उठाया था और इसे पंजाब या किसी अन्य राज्य में सप्लाई करने जा रहा था।
पुराने स्टॉक की आशंका
बरामद हेरोइन के पैकेटों का बारीकी से निरीक्षण करने पर कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, हेरोइन पाउडर के बजाय ठोस 'गठळ' के रूप में है। पैकेटों की स्थिति को देखकर लगता है कि यह काफी समय से कहीं छिपाकर रखी गई थी। संभव है कि तस्करों ने इसे पहले ही ड्रोन से मंगा लिया हो और अब सुरक्षित मौका देखकर इसे आगे भेजने की फिराक में थे।
ऑपरेशन नीलकंठ के तहत कार्रवाई
बीकानेर पुलिस इन दिनों 'ऑपरेशन नीलकंठ' चला रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मादक पदार्थों की तस्करी को जड़ से खत्म करना और युवाओं को नशे के चंगुल से बचाना है। एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया कि इस अभियान के तहत तस्करों की धरपकड़ तेज कर दी गई है। पूगल में हुई यह बरामदगी इस अभियान की अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक मानी जा रही है। पुलिस अब खेताराम के कॉल रिकॉर्ड्स और उसके संपर्कों की जांच कर रही है।
सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े
इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन मिलने के बाद न केवल स्थानीय पुलिस बल्कि बीएसएफ और अन्य खुफिया एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। सीमावर्ती गांवों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इलाके में और भी ऐसी खेप छिपाई गई है। पुलिस यह भी देख रही है कि खेताराम के साथ और कौन-कौन लोग इस तस्करी में शामिल थे।
तस्करी का नया रूट
आमतौर पर तस्कर बड़ी गाड़ियों या ट्रकों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन स्कूटी का उपयोग करना पुलिस को चकमा देने की एक चाल हो सकती है। स्कूटी जैसे छोटे वाहन पर अक्सर पुलिस का संदेह कम होता है, खासकर ग्रामीण इलाकों में। लेकिन नीलगाय ने इस पूरी योजना पर पानी फेर दिया। यह घटना दिखाती है कि तस्कर अब सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं।
बीकानेर में बढ़ता नशे का जाल
बीकानेर का सीमावर्ती इलाका होने के कारण यहां हमेशा से तस्करी का खतरा बना रहता है। पंजाब से सटा होने के कारण यहां नशे की खपत और सप्लाई दोनों ही चिंता का विषय हैं। पुलिस ने पिछले कुछ महीनों में कई किलो डोडा-पोस्त और अफीम भी पकड़ी है, लेकिन हेरोइन की इतनी बड़ी खेप मिलना एक बड़े खतरे की घंटी है।
जांच के मुख्य बिंदु
- खेताराम को यह माल किसने सौंपा?
- स्कूटी का असली मालिक कौन है?
- सीमा पर किस स्थान पर ड्रोन से डिलीवरी हुई थी?
- क्या स्थानीय ग्रामीण भी इस नेटवर्क का हिस्सा हैं?
- इस हेरोइन का अंतिम गंतव्य कहाँ था?
अस्पताल में कड़ी सुरक्षा
पीबीएम अस्पताल में भर्ती खेताराम की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस को डर है कि उसके साथी उसे नुकसान पहुँचाने या भगाने की कोशिश कर सकते हैं। उसके होश में आते ही पुलिस उसे रिमांड पर लेगी। पुलिस को उम्मीद है कि खेताराम से पूछताछ के बाद राजस्थान और पंजाब के कई बड़े नशा तस्करों के नाम सामने आएंगे।
पुलिस की अपील
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। खासकर सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग अगर किसी अनजान व्यक्ति या ड्रोन जैसी वस्तु को देखें, तो सूचित करें। पुलिस का कहना है कि जनता के सहयोग के बिना नशे के इस कारोबार को पूरी तरह खत्म करना संभव नहीं है।
निष्कर्ष
बीकानेर के पूगल में हुई यह घटना एक इत्तेफाक जरूर थी, लेकिन इसने सुरक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को फिर से उजागर कर दिया है। 70 करोड़ की हेरोइन का पकड़ा जाना तस्करों के लिए एक बड़ा झटका है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले की कड़ियों को जोड़कर मुख्य सरगना तक कब पहुँच पाती है।