बीकानेर | लालगढ़ पैलेस स्थित स्वर्गीय महाराजा लालसिंहजी की ऐतिहासिक संगमरमर की प्रतिमा के जीर्णोद्धार को लेकर विवाद गहरा गया है। प्रिंसेस राज्यश्री कुमारी ने प्रतिमा के संरक्षण कार्य में कथित लापरवाही पर अपनी भतीजी सिद्धि कुमारी से स्पष्टीकरण मांगा है।
प्रतिमा के स्वरूप पर सवाल
राज्यश्री कुमारी ने सवाल उठाया है कि यह कार्य किसके निर्देश पर कराया गया। उन्होंने यह भी पूछा है कि इसके लिए राजपरिवार के वरिष्ठ सदस्यों से परामर्श क्यों नहीं लिया गया।
यह प्रतिमा बीकानेर की ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वर्ष 1915 में तत्कालीन वायसराय लॉर्ड हार्डिंग ने इसका अनावरण किया था।
ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक
महाराजा गंगासिंहजी ने अपने पिता की स्मृति में लालगढ़ पैलेस का निर्माण करवाया था। महल के प्रवेश द्वार पर स्थापित यह प्रतिमा पारिवारिक स्मृति की प्रतीक मानी जाती है।
राज्यश्री कुमारी के अनुसार, प्रतिमा की देखरेख हमेशा उच्च स्तरीय शिल्पकारों की निगरानी में होती रही है। हाल ही में प्रतिमा की सफाई का कार्य सिद्धि कुमारी के निर्देशों पर कराया गया था।
जीर्णोद्धार के बाद बदलाव का आरोप
आरोप है कि काम पूरा होने के बाद प्रतिमा का मूल स्वरूप प्रभावित हुआ है। संगमरमर की प्राकृतिक चमक में बदलाव आने की बात कही गई है।
- प्रतिमा पर उकेरा गया विवरण मिटने का दावा किया गया है।
- विशेषज्ञों की सलाह के बिना कठोर रसायनों के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है।
राज्यश्री कुमारी ने इसे ऐतिहासिक धरोहर के प्रति गैरजिम्मेदाराना रवैया बताया है। अब इस मामले में सिद्धि कुमारी का पक्ष और तकनीकी रिपोर्ट का इंतजार है।
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