राजस्थान

बीकानेर निगम चुनाव नतीजे: बीकानेर नगर निगम में कांग्रेस का दबदबा, 42 वार्डों में जीत

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 14 सितम्बर 2026, 03:00 दोपहर
बीकानेर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने 80 में से 42 वार्ड जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। भाजपा को 27, निर्दलीयों को 10 और रालोपा को एक सीट मिली है।

बीकानेर | नगर निगम चुनाव के परिणामों में कांग्रेस ने स्पष्ट बढ़त बनाते हुए 80 में से 42 वार्डों में जीत दर्ज की है। इन नतीजों के साथ ही कांग्रेस ने नगर निगम में बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है।

वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को 27 वार्डों में सफलता मिली, जबकि 10 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (रालोपा) ने भी एक सीट पर जीत के साथ अपना खाता खोला।

कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत

बीकानेर नगर निगम के कुल 80 वार्डों के लिए हुए चुनाव में 373 प्रत्याशी मैदान में थे। प्रत्याशियों की संख्या के लिहाज से यह प्रदेश के प्रमुख नगरीय निकाय चुनावों में सबसे अधिक मुकाबले वाला क्षेत्र रहा।

मतगणना के बाद सामने आए परिणामों में कांग्रेस 42 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जो बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से अधिक है।

किस पार्टी को कितनी सीटें?

प्रमुख चेहरों का क्या हुआ?

इस चुनाव में कई बड़े चेहरों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। कुछ को जीत मिली तो कुछ को हार का सामना करना पड़ा।

अनिल कल्ला की बड़ी जीत

वार्ड संख्या 73 में कांग्रेस प्रत्याशी अनिल कल्ला ने भाजपा के दीपक पारीक को करीब 800 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया। अनिल कल्ला कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. बी.डी. कल्ला के भतीजे हैं।

इस बड़ी जीत के साथ ही वे महापौर पद की दौड़ में प्रमुख दावेदारों में शामिल हो गए हैं, जिससे कांग्रेस के भीतर मेयर पद को लेकर हलचल तेज हो गई है।

पूर्व महापौर सुशीला कंवर को मिली हार

नगर निगम चुनाव के सबसे चर्चित परिणामों में से एक पूर्व महापौर सुशीला कंवर राजपुरोहित की हार रही। उन्हें वार्ड 14 में कांग्रेस की किरण भाटी ने पराजित किया।

सुशीला कंवर पिछले नगर निगम चुनाव में महापौर निर्वाचित हुई थीं और भाजपा के इस चुनाव के घोषणा पत्र से जुड़ी समिति में भी वे शामिल थीं। उनकी हार को भाजपा के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

विजेता प्रत्याशियों की सूची

दोनों प्रमुख दलों के कई प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की, वहीं निर्दलीयों ने भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।

कांग्रेस के विजेता

कांग्रेस की ओर से तीजा देवी (वार्ड 4), मनीषा सिंघल (वार्ड 5), गीता देवी (वार्ड 7), अब्दुल वाहिद (वार्ड 15), पूनम चंद (वार्ड 16), चेतना डोटासरा (वार्ड 17), मकसूद अहमद (वार्ड 18), रिजवान (वार्ड 21), गौरीशंकर गहलोत (वार्ड 24) और मोहम्मद हुसैन (वार्ड 25) ने जीत हासिल की।

भाजपा के विजेता

भाजपा के खाते में दीपक व्यास (वार्ड 2), शिव गहलोत (वार्ड 3), संदीप गहलोत (वार्ड 6), भगवान सिंह मेड़तिया (वार्ड 8), विनोद धवल (वार्ड 9), हिमांशु शर्मा (वार्ड 12) और सुरेंद्र सिंह शेखावत (वार्ड 13) सहित कई सीटें गईं।

निर्दलीय और अन्य

निर्दलीय प्रत्याशियों में कपिल (वार्ड 10), विकास सियाग (वार्ड 11), प्रतीक स्वामी (वार्ड 22), संजय राखेचा (वार्ड 26), लक्ष्मी कतेला (वार्ड 28), गोवर्धन राम (वार्ड 29), भगवती गौड़ (वार्ड 32) और सुषमा (वार्ड 49) ने जीत दर्ज की। वार्ड संख्या 23 में रालोपा की सरोज ने जीत दर्ज कर पार्टी का खाता खोला।

अब महापौर की दौड़ होगी दिलचस्प

80 सदस्यीय नगर निगम में कांग्रेस के 42 पार्षदों के साथ स्पष्ट बहुमत की स्थिति बन गई है। ऐसे में अब सभी की नजरें महापौर पद को लेकर होने वाली राजनीतिक गतिविधियों पर टिक गई हैं।

अनिल कल्ला की जीत के बाद कांग्रेस में महापौर पद के लिए दावेदारी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। वहीं, भाजपा के लिए यह चुनाव परिणाम आत्ममंथन का विषय बन गया है। आगामी राजनीतिक समीकरणों में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है।

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